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Interview : अनुष्का सेन ने कहा मैं और झाँसी की रानी एक से हैं

करीब आठ साल से टीवी वर्ल्ड से जुड़ीं अनुष्का सेन इन दिनों सीरियल ‘झांसी की रानी’ में रानी लक्ष्मीबाई का किरदार निभाकर चर्चा में हैं। इस भूमिका को निभाने के लिए उन्हें किस तरह की तैयारी करनी पड़ी । केवल सोलह साल की अनुष्का सेन का कैसा रहा अनुभव ।

Interview : अनुष्का सेन ने कहा मैं और झाँसी की रानी एक से हैं

करीब आठ साल से टीवी वर्ल्ड से जुड़ीं अनुष्का सेन इन दिनों सीरियल ‘झांसी की रानी’ में रानी लक्ष्मीबाई का किरदार निभाकर चर्चा में हैं। इस भूमिका को निभाने के लिए उन्हें किस तरह की तैयारी करनी पड़ी? इसे निभाते हुए उन्हें कैसा अनुभव हो रहा है? उन्हें खुद में लक्ष्मीबाई के कौन-से गुण महसूस होते हैं? इस सीरियल और किरदार से जुड़ी बातें अनुष्का सेन से।

अनुष्का सेन अभी केवल सोलह साल की हैं। लेकिन पिछले आठ सालों से वह टीवी सीरियलों में सक्रिय हैं और ‘देवों के देव महादेव’, ‘इंटरनेट वाला लव’, ‘बालवीर’ जैसे कई सीरियलों में एक्ट कर चुकी हैं। अब वह कलर्स चैनल पर आ रहे ऐतिहासिक धारावाहिक ‘झांसी की रानी’ में रानी लक्ष्मीबाई के किरदार में नजर आ रही हैं। अनुष्का ‘झांसी की रानी’ का किरदार निभाकर बहुत खुश हैं। हाल में ही इस सीरियल और इसमें उनके किरदार को लेकर अनुष्का सेन से बातचीत हुई। पेश है, उस बातचीत के चुनिंदा अंश।

आप सीरियल ‘झांसी की रानी’ में रानी लक्ष्मीबाई का किरदार निभा रही हैं, इसे पसंद भी किया जा रहा है। क्या कहना चाहेंगी?

मैं अपनी इस कामयाबी पर बहुत खुश हूं। वैसे तो मैं पिछले आठ सालों से टीवी पर काम कर रही हूं लेकिन पहली बार मुझे इतना बड़ा किरदार निभाने का मौका मिला है, वो भी झांसी की रानी का, जो देश की महान योद्धा थीं। मुझे इस बात का गर्व है और मैं बहुत खुश हूं कि दर्शक भी ‘झांसी की रानी’ सीरियल पसंद कर रहे हैं।

इस किरदार को निभाने के लिए आपको किस तरह की तैयारी करनी पड़ी?

जब मुझे इस किरदार के लिए फाइनल किया गया तो मैं यह सोच कर टेंशन में थी कि मैं झांसी की रानी के किरदार की तरह अच्छी घुड़सवारी, तलवारबाजी कर पाऊंगी कि नहीं, क्योंकि इससे पहले मैं बहुत ही नाजुक मिजाज थी। जरा-सी चोट लगने पर मैं रोना शुरू कर देती थी। लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी और घुड़सवारी, तलवारबाजी की प्रैक्टिस शुरू कर दी। इसके अलावा इस किरदार को समझने के लिए उनके बारे मे काफी पढ़ा कि रानी लक्ष्मीबाई कैसे चलती थीं, कैसे बोलती थीं। इन पर भी मैंने ध्यान दिया और सीखा।

रानी लक्ष्मीबाई की कौन-सी खास बात आप खुद में भी महसूस करती हैं?

मैं मानती हूं कि असल जिंदगी में भी मुझमें एक झांसी की रानी है। उनकी तरह मैंने कभी गलत बात नहीं सहती, अन्याय के खिलाफ हमेशा खड़ी होती हूं। मैं भी अपने देश से बेहद प्यार करती हूं। एक बार जो ठान लेती हूं, वो जरूर करती हूं। सच बोलने से पीछे नहीं हटती। आज मैं भले ही सिर्फ सोलह साल की हूं लेकिन मैं निडर होकर मुंबई आई और अपना करियर अपने दम पर संवारा। कभी हार नहीं मानी, यह नहीं सोचा कि मैं लड़की हूं। मेरा मानना है कि हर लड़की में कहीं ना कहीं झांसी की रानी होती है, बस उसको आपको पहचानने की देर है।

अभी हाल ही में कंगना रनोट की फिल्म ‘मणिकर्णिका’ रिलीज हुई, जो रानी लक्ष्मीबाई पर ही आधारित है। ऐसे में आप का सीरियल दर्शकों को क्या नया दे पाएगा?

फिल्म ‘मणिकर्णिका’ से टीवी सीरियल ‘झांसी की रानी’ काफी अलग है। ‘मणिकर्णिका’ मूल रूप से युद्ध और ब्रिटिश राज्य को परास्त करने के मुद्दे पर आधारित फिल्म थी, जबकि इस सीरियल में झांसी की रानी के और भी कई पहलुओं को दिखाया जा रहा है। इसमें परिवार और राज्य में होने वाली अंदरूनी राजनीति से रानी लक्ष्मीबाई के संघर्ष के अलावा, यह भी उजागर किया गया है कि वे कैसे झांसी की महिलाओं को देश के प्रति जागृत करती थीं और उनमें कैसे नारी सम्मान की भावना को जगाती थीं।

क्या फिल्म ‘मणिकर्णिका’ की हीरोइन कंगना रनोट से भी आप प्रभावित हैं?

कंगना रनोट जी से मैं बहुत ज्यादा प्रभावित हूं, क्योंकि वे झांसी की रानी की तरह ही बहुत बहादुर हैं। कंगना ने बिना किसी के सहयोग के अपने टैलेंट से फिल्म इंडस्ट्री में अपनी एक खास जगह बनाई है, जो मेरे लिए इंस्प्रेशन की तरह है। मैं भी उनकी राह पर आगे बढ़ रही हूं। उनकी तरह ही मैं अपने आप को बेस्ट एक्ट्रेस साबित करने के लिए मेहनत कर रही हूं। कंगना रनोट मेरा आइडियल हैं।’
किसी लड़की का करियर संवारने में उसके पैरेंट्स का बड़ा रोल होता है। क्या अनुष्का सेन को भी अपने पैरेंट्स का सपोर्ट मिला? इस पर वह कहती हैं, ‘इस में दो राय नहीं कि एक लड़की को अपना करियर बनाने में घर वालों का सपोर्ट बहुत जरूरी होता है। मैं अपने माता-पिता की अकेली संतान हूं। हमारे घर में मुझसे पहले कोई भी इस क्षेत्र में नहीं आया, फिर भी उन्होंने मेरा सपना पूरा करने में मुझे पूरा सपोर्ट दिया और हर कदम पर मेरा साथ दिया। आज मैं जो कुछ भी हूं अपने पैरेंट्स के सहयोग की वजह से ही हूं।’
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