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क्रिकेट प्रेमी वाले देश में हॉकी को पॉपुलर बनाने की एक कोशिश जरूर की हैः अक्षय कुमार

अक्षय कुमार पिछले कुछ समय से ऐसी फिल्में ज्यादा कर रहे हैं, जिनमें देशप्रेम, सोशल मैसेज को हाईलाइट किया गया है। ‘बेबी’, ‘एयर लिफ्ट’, ‘टॉयलेट-एक प्रेमकथा’ और ‘पैडमैन’ जैसी फिल्में इस लिस्ट में शामिल हैं।

क्रिकेट प्रेमी वाले देश में हॉकी को पॉपुलर बनाने की एक कोशिश जरूर की हैः अक्षय कुमार

अक्षय कुमार पिछले कुछ समय से ऐसी फिल्में ज्यादा कर रहे हैं, जिनमें देशप्रेम, सोशल मैसेज को हाईलाइट किया गया है। ‘बेबी’, ‘एयर लिफ्ट’, ‘टॉयलेट-एक प्रेमकथा’ और ‘पैडमैन’ जैसी फिल्में इस लिस्ट में शामिल हैं।

इन फिल्मों की वजह से अक्षय का करियर ग्राफ भी ऊंचा हुआ है, बतौर एक्टर भी वह निखरकर आए हैं। अब अक्षय कुमार फिल्म ‘गोल्ड’ में नजर आएंगे। यह फिल्म 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के दिन रिलीज होगी। इसमें स्वतंत्र भारत में हॉकी टीम द्वारा पहला ओलंपिक गोल्ड मेडल जीतने की कहानी है।

फिल्म ‘गोल्ड’ की कहानी के बारे में डिटेल में बताएं?

यह फिल्म 1948 के दौर की है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे मुश्किल परिस्थितियों में भारतीय हॉकी टीम ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतती है। मैंने इसमें तपन दास नाम के हॉकी कोच का रोल किया है। यह फिल्म सिर्फ हॉकी टीम की कहानी नहीं है, इसके जरिए एकजुट होने की बात की गई है। फिल्म में बहुत सारी बातें हकीकत हैं तो कुछ इमेजिनेशन भी हैं।

फिल्म से जुड़े कौन-कौन हैं?

फिल्म ‘गोल्ड’ को फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी ने प्रोड्यूस किया है। डायरेक्टर रीमा कागती हैं। फिल्म में मेरे अपोजिट मौनी रॉय हैं। फिल्म में हॉकी प्लेयर्स के रोल में विनीत कुमार सिंह, अमित साध और कुणाल कपूर के अलावा कई और एक्टर भी हैं। स्क्रीन प्ले जावेद अख्तर साहब का है।

आपकी फिल्म हॉकी पर बेस्ड है, लेकिन हमारे देश में इस समय क्रिकेट का बोलबाला है। क्या इस फिल्म से हॉकी की पॉपुलैरिटी बढ़ेगी?

मेरा मानना है कि हर खेल को बढ़ावा मिलना चाहिए। क्रिकेट तो पहले से फेमस है, अब फुटबॉल और कबड्डी भी पॉपुलर हो गए हैं। जहां तक फिल्म ‘गोल्ड’ से हॉकी की पॉपुलैरिटी बढ़ने की बात है तो यह फिल्म बनाकर हमने एक कोशिश जरूर की है।

हॉकी में ध्यानचंद लीजेंड प्लेयर थे। क्या इस फिल्म में उनका भी जिक्र है?

अगर आपको हर किरदार के बारे में बता दूंगा तो फिल्म में आपकी दिलचस्पी कैसे बनी रहेगी? लेकिन यह जरूर कहूंगा कि यह फिल्म किसी एक शख्स की बायोपिक नहीं है। हमने एक ऐसी कहानी को दिखाने की कोशिश की है, जिसमें कई लोगों की अहम भूमिका है। लेकिन इन लोगों को साथ लाने का काम फिल्म में तपन दास करते हैं। एक इंसान कैसे अलग-अलग लोगों को साथ लाता है और कभी न भूलने वाला इतिहास रच देता है, यही फिल्म में दिखाया गया है।

आपने इस फिल्म में बंगाली कैरेक्टर प्ले किया है, बांग्ला लैंग्वेज सीखने के लिए आपको मेहनत करनी पड़ी होगी?

हां, बांग्ला लैंग्वेज सीखनी पड़ी लेकिन जल्द ही सीख गया क्योंकि फिल्मी करियर शुरू करने से पहले मैं दो साल तक कोलकाता में रहा था। फिर मेरा लुक, हेयरस्टाइल और कॉस्ट्यूम भी रोल के हिसाब से बनाया गया।

टीवी एक्ट्रेस मौनी रॉय इस फिल्म में आपके अपोजिट हैं, उनके साथ वर्किंग एक्सपीरियंस कैसे रहे?

टीवी और फिल्म में अब कोई अंतर रहा नहीं है, फिल्मों के सभी कलाकार टीवी के लिए और टीवी के आर्टिस्ट फिल्मों के लिए काम कर रहे हैं। फिर किसी पर टीवी आर्टिस्ट का लेबल लगाना मुझे सही नहीं लगता। मैं मौनी रॉय को एक अच्छी एक्ट्रेस मानता हूं।

उनके साथ काम करके अच्छा लगा। मौनी के अलावा अमित साध, विनीत, कुणाल के साथ भी वर्किंग एक्सपीरियंस बहुत अच्छे थे। इंग्लैंड के शूटिंग शेड्यूल में तो डायरेक्टर रीमा परेशान हो जाती थीं क्योंकि हम सभी एक्टर्स हॉकी खेलने में ही बिजी हो जाते थे।

जॉन अब्राहम की फिल्म ‘सत्यमेव जयते’ का क्लैश आपकी फिल्म के साथ हो रहा है?

जॉन मेरे अच्छे दोस्त हैं। उनकी फिल्म और मेरी फिल्म ‘गोल्ड’ दोनों ही 15 अगस्त को रिलीज हो रही हैं, दोनों ही फिल्में देशभक्ति की भावना से जुड़ी हैं। इसे क्लैश की तरह देखना ठीक नहीं है।

फिल्म ‘गोल्ड’ हॉकी से जुड़ी है, क्या अक्षय का खेलों से जुड़ाव रहा है? क्या कभी उन्हें किसी खेल में गोल्ड मेडल मिला?

मैं बचपन से खेलकूद से जुड़ा रहा हूं। पढ़ाई से ज्यादा इंट्रेस्ट मुझे खेलों में था। आज भी स्पोर्ट्स से जुड़ा हुआ हूं। मुझे तो इंडस्ट्री में भी खिलाड़ी कुमार का नाम दिया गया है। जहां तक गोल्ड मेडल मिलने की बात है तो मुझे खेलकूद में इनाम तो मिले थे, लेकिन कभी गोल्ड मेडल नहीं मिला। हां, कुछ समय पहले मेरे बेटे आरव को मार्शल आर्ट्स में गोल्ड मेडल मिला।’

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