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जेईई-नीट के एप को 72 घंटे में 2 लाख छात्रों ने किया डाउनलोड, ये है फायदा

जेईई और नीट की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के बीच महज 72 घंटे पहले लांच किया गया एप इतना लोकप्रिय हुआ कि देखते ही देखते प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने की इच्छा रखने वाले 2 लाख से ज्यादा छात्रों ने इसे डाउनलोड कर प्रतियोगी परीक्षा का अभ्यास शुरू कर दिया।

जेईई-नीट के एप को 72 घंटे में 2 लाख छात्रों ने किया डाउनलोड, ये है फायदानीट जेईई कोचिंग संस्थान

जेईई और नीट की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के बीच महज 72 घंटे पहले लांच किया गया एप इतना लोकप्रिय हुआ कि देखते ही देखते प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने की इच्छा रखने वाले 2 लाख से ज्यादा छात्रों ने इसे डाउनलोड कर प्रतियोगी परीक्षा का अभ्यास शुरू कर दिया। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने खुशी जताते हुए बताया कि 72 घंटे से भी कम समय में 2 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने इस एप को डाउनलोड कर लिया है और 80 हजार से अधिक विद्यार्थी जेईई और नीट के लिए मॉक-टेस्ट भी दे चुके हैं।

उन्होंने बताया कि छात्र सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच सबसे अधिक मॉक टेस्ट में भाग लेते हैं। इस एप के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, हर वर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी जेईई (मेन), नीट एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेते हैं जिनमें से बहुत सारे विद्यार्थी निजी कोचिंग संस्थाओं तक नहीं जा पाते हैं। उनकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ही हमने यह फ्री एप लांच किया है जिससे उनको तैयारी करने में सुविधा हो सके। उन्होनें बताया कि इस एप पर छात्रों के लिए रोज तीन घंटे के जेईई (मेन) और नीट के एक-एक सम्पूर्ण प्रश्न पत्र उपलब्ध होगा जिसको छात्र डाउनलोड करने के बाद कभी भी दे सकते हैं। इस टेस्ट को देने के लिए छात्रों को इंटरनेट की सुविधा की जरूरत भी नहीं होगी।

जल्द ही आईओएस प्लेटफार्म पर भी होगा उपलब्ध

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अभी यह एप एंड्रायड प्लेटफार्म पर उपलब्ध है। जल्द ही ये आईओएस प्लेटफार्म पर भी उपलब्ध होगा। छात्र यह एप गूगल प्ले स्टोर से मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं। इस एप पर उपलब्ध टेस्ट को देने के बाद छात्र तुरंत ही अपनी तैयारियों का मूल्यांकन कर सकते हैं। तुरंत ही उन्हें प्राप्तांक और विषयवार मिले अंक पता चल जायेंगे। सभी प्रश्नों के जवाब के साथ साथ उनका विवरण और उसके पीछे के तर्क को भी समझ सकेंगे। साथ ही छात्रों ने एक विषय में कितना समय लगाया है ये भी पता लग जायेगा।

निशंक ने कहा, आमतौर पर हर नए सॉफ्टवेयर में शुरुआती दिक्कतें होती हैं लेकिन मुझे यह बताते हुए बेहद गर्व और ख़ुशी हो रही है कि इस एप के बारे में ऐसी कोई भी रिपोर्ट अभी तक नहीं आयी है। इस बात से यह भी सिद्ध हो जाता है कि आज इस आपातकाल स्थिति के बावजूद भारत पूरी तरह से अत्यंत तेजी के साथ विश्व स्तरीय उत्पाद बना सकता है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस एप को समय समय पर अपडेट किया जाता रहेगा। उन्होंने आगे कहा कि हमारा यह प्रयास रहेगा कि आने वाले समय में विद्यार्थी बिना कोचिंग जाए भी सिर्फ इस एप की मदद से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।

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