BMC Election 2026: बागी उम्मीदवारों से गरमाई सियासत, कई ने नाम वापस लिए तो कई मैदान में डटे, देखें लिस्ट
BMC चुनाव 2026 में बागी उम्मीदवारों ने पार्टियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अंतिम दिन सैकड़ों नामांकन वापस हुए, लेकिन कई वार्डों में अब भी पार्टी उम्मीदवारों के खिलाफ बागी चुनाव लड़ रहे हैं। पूरी जानकारी पढ़ें।
BMC Election 2026: कई बागी उम्मीदवारों ने पार्टी नेतृत्व के दबाव के बाद अपने नामांकन वापस ले लिए। (File Photo)
BMC Election 2026: मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2026 में नामांकन वापसी की अंतिम तारीख तक राजनीतिक हलचल तेज बनी रही। कई बागी उम्मीदवारों ने पार्टी नेतृत्व के दबाव के बाद अपने नामांकन वापस ले लिए, लेकिन कुछ ने आखिरी वक्त तक पीछे हटने से इनकार कर दिया, जिससे मुकाबला और रोचक हो गया है।
नामांकन वापसी के बाद कितने उम्मीदवार मैदान में?
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, 227 वार्डों के लिए कुल 2,516 नामांकन दाखिल किए गए थे। जांच के दौरान 164 नामांकन तकनीकी कारणों से रद्द कर दिए गए। इसके बाद कुल 2,185 वैध उम्मीदवार बचे, जिनमें से 453 प्रत्याशियों ने अंतिम दिन नाम वापस ले लिया। अब 1,729 उम्मीदवार चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
बागियों को मनाने में जुटीं बड़ी पार्टियां
नामांकन वापसी के अंतिम दिन BJP, शिवसेना (UBT), शिंदे गुट और MNS समेत सभी प्रमुख दलों ने अपने-अपने बागी नेताओं को मनाने की कोशिश की। कई वार्डों में पार्टी नेतृत्व को सफलता मिली, लेकिन कुछ जगहों पर बागी उम्मीदवारों ने आधिकारिक प्रत्याशियों के खिलाफ ताल ठोक दी।
इन वार्डों में बागी उम्मीदवार अब भी मैदान में
कई वार्डों में बगावत खुलकर सामने आई है-
- वार्ड 95 में शिवसेना (UBT)-MNS गठबंधन के उम्मीदवार के सामने पूर्व नगरसेवक ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया।
- वार्ड 159 में UBT उम्मीदवार को पार्टी के ही बागी नेता से चुनौती मिल रही है।
- वार्ड 202 और 196 में भी शिवसेना (UBT) के आधिकारिक प्रत्याशियों के खिलाफ बागी मैदान में हैं।
- वार्ड 177 में BJP के पूर्व नगरसेवक ने महायुति उम्मीदवार के सामने निर्दलीय पर्चा दाखिल किया है।
आखिरी दिन वापस लिए गए नामांकन
कुछ हाई-प्रोफाइल वार्डों में पार्टी नेतृत्व ने बागी नेताओं को मनाने में सफलता हासिल की।
- वार्ड 225 में BJP के वरिष्ठ नेता ने नामांकन वापस लिया, जिससे सीधा मुकाबला BJP और शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच रह गया।
- वार्ड 1 और वार्ड 106 में भी बागी उम्मीदवारों ने अंतिम समय पर अपने पर्चे वापस ले लिए।
चुनाव से पहले बढ़ा सियासी तनाव
बागी उम्मीदवारों की मौजूदगी ने BMC चुनाव 2026 को और दिलचस्प बना दिया है। कई वार्डों में सीधी लड़ाई की जगह अब त्रिकोणीय मुकाबले के आसार बन गए हैं, जिससे चुनावी नतीजों पर बड़ा असर पड़ सकता है।