भोजशाला में एक दशक बाद पूजा-नमाज एक साथ: सूर्योदय से अखंड पूजा जारी, नमाज भी अदा हुई; सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
मध्य प्रदेश के धार स्थित विवादित धार्मिक स्थल भोजशाला में बसंत पंचमी के मौके पर सूर्योदय के साथ ही हिंदू पक्ष ने पूजा-अर्चना शुरू कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक परिसर मुस्लिम पक्ष के लिए खाली कराया जाएगा।
भोजशाला में सूर्योदय से पूजा शुरू
मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित विवादित भोजशाला (भोजशाला-कमाल मौला परिसर) में बसंत पंचमी के अवसर पर शुक्रवार (23 जनवरी 2026) को विशेष व्यवस्थाएं की गईं। सुप्रीम कोर्ट के गुरुवार को दिए गए आदेश के अनुसार, हिंदू श्रद्धालुओं को सूर्योदय से सूर्यास्त तक वाग्देवी (मां सरस्वती) की पूजा, हवन और पाठ करने की अनुमति मिली। सुबह सूर्योदय के साथ ही पूजा शुरू हो गई और शाम तक यह सिलसिला जारी रहेगा।
दूसरी ओर, मुस्लिम समुदाय को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक जुमे की नमाज अदा करने की इजाजत दी गई, जिसके लिए परिसर में अलग क्षेत्र और प्रवेश-निकास की व्यवस्था की गई। आमतौर पर बसंत पंचमी पर पूजा और शुक्रवार को नमाज की अनुमति रहती है, लेकिन जब दोनों एक ही दिन पड़ते हैं, तो तनाव की आशंका बनी रहती है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। भोजशाला परिसर और धार शहर में स्थानीय पुलिस के साथ CRPF, रैपिड एक्शन फोर्स सहित 8000 से अधिक जवान तैनात हैं। पूरे इलाके की निगरानी CCTV कैमरों, ड्रोनों और AI-आधारित तकनीक से की जा रही है, ताकि शांति और कानून-व्यवस्था बनी रहे।
गौरतलब है कि गुरुवार को इस मामले में हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने संतुलित फैसला देते हुए दोनों पक्षों के अधिकारों का ध्यान रखने के निर्देश दिए। कोर्ट ने प्रशासन को साफ कहा है कि शांति और सुरक्षा में कोई चूक नहीं होनी चाहिए।
भोजशाला विवाद की जड़ क्या है?
भोजशाला 11वीं-12वीं सदी का ऐतिहासिक स्थल है, जिसे परंपरा के अनुसार राजा भोज ने शिक्षा और ज्ञान के केंद्र के रूप में स्थापित किया था। यह स्थल वर्तमान में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में है। हिंदू समुदाय इसे देवी सरस्वती (वाग्देवी) को समर्पित मंदिर और ज्ञान-स्थल मानता है। वहीं मुस्लिम समुदाय इसे कमाल मौला मस्जिद के रूप में देखता है। इसी ऐतिहासिक और धार्मिक मान्यताओं के टकराव के कारण भोजशाला वर्षों से विवाद का केंद्र बनी हुई है।
भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच भोजशाला में नमाज अदा की गई
विवादित भोजशाला परिसर में पूजा-पाठ और जुमे की नमाज एक साथ हुई। यह घटना लगभग एक दशक बाद हो रही है, जब एक ही दिन दोनों धार्मिक गतिविधियां संपन्न हो रही हैं। शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। करीब 8000 पुलिसकर्मी, सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान तैनात हैं। पूरे परिसर और आसपास के इलाके की निगरानी ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी और एआई तकनीक से की जा रही है।
भोजशाला परिसर पहुंचा हिंदू संगठनों का भव्य जुलूस
धार, मध्य प्रदेश: हिंदू संगठनों द्वारा निकाला गया एक जुलूस भोजशाला परिसर पहुंच गया है, जहां बसंत पंचमी के अवसर पर नमाज अदा की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला-कमल मौला कॉम्प्लेक्स में हिंदुओं को सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा-अर्चना की अनुमति दी है, जबकि मुस्लिम समुदाय को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक जुमे की नमाज पढ़ने की इजाजत है। इस व्यवस्था के तहत दोनों समुदायों की धार्मिक गतिविधियां अलग-अलग समय और स्थानों पर हो रही हैं, ताकि शांति बनी रहे।
भोज उत्सव समिति के संरक्षक अशोक जैन बोले- आज अखंड पूजा चलेगी
भोज उत्सव समिति के संरक्षक अशोक जैन ने कहा, "पूजा सूर्योदय से चालू हो गया है और दिनभर आज पूजा चलेगी क्योंकि हिंदू समाज का आह्वान था कि आज अखंड पूजा चलेगी। सुप्रीम कोर्ट ने अखंड पूजा होने की मोहर लगा दी है इसलिए जनता में खुशी है...आने वाले समय में यहां भव्य मंदिर बनेगा। कल की जीत धार की जीत नहीं है पूरे समाज, मध्य प्रदेश की जीत नहीं है बल्कि पूरे हिंदुस्तान की जीत है।"
भोजशाला में वसंत पंचमी की धूम, ड्रोन और CCTV से निगरानी
धार SP मयंक अवस्थी ने कहा, "इस आयोजन को लेकर व्यापक व्यवस्था सुरक्षा के प्रबंधन किए गए हैं। पुलिस बल को यहां तैनात किया गया है। इसमें हमारे पास RAF और CRPF भी यहां तैनात हैं....एक-एक गली हमारी निगरानी में हैं और शहर के संवेदनशील क्षेत्र को ड्रोन और CCTV से निगरानी की जा रही है।"
शहर में जगह-जगह माइक लगाकर अनाउंसमेंट किया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर कोई भी अनर्गल कमेंट या पोस्ट ना करें। अफवाहों पर ध्यान न दें। सोशल मीडिया पर पुलिस की निगरानी है। अनर्गल कमेंट या पोस्ट करने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
भोजशाला क्षेत्र के 300 मीटर के दायरे में नो-फ्लाई जोन घोषित है। इस दायरे में ड्रोन, यूएवी, पैरा ग्लाइडिंग, हॉट एयर बैलून सहित ऐसी किसी भी गतिविधि पर पूरी तरह पाबंदी है। सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर भवन निर्माण सामग्री, मलबा, टायर और लावारिस गुमटियां रखने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
धार के कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जो भी प्रबंध किए गए हैं उनमें हर व्यक्ति उत्कृष्ट रूप से अपने काम कर रहा है। भोजशाला में पूजा निर्विघ्न चल रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जा रहा है। कलेक्टर ने नमाज को लेकर कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश अनुसार व्यवस्था की गई है। कितने लोग नमाज पढ़ेंगे, फिलहाल स्पष्ट नहीं है। पास जारी किए जाएंगे, उनमें नाम बढ़ेंगे तो उसके हिसाब से व्यवस्था की जाएगी।