Good News for GIG Workers: 10 Minutes डिलीवरी सिस्टम को खत्म करेगा ब्लिंकिट, राघव चड्ढा ने दी खुशखबरी
आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने ट्वीट कर इसे गिग वर्कर्स के लिए बड़ी जीत बताते हुए केंद्र रकार का भी आभार जताया है।
आप से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने ब्लिंकिट डिलीवरी ब्वॉय बनकर उनकी परेशानियों को महसूस किया था।
Blinkit ने अब 10 मिनट में डिलीवरी का नियम वापस लेने का मन बना लिया है। ब्लिकिंट ने यह फैसला केंद्र सरकार के दखल के बाद लिया है। आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने ट्वीट कर इसे गिग वर्कर्स के लिए बड़ी जीत बताते हुए मोदी सरकार का भी आभार जताया है।
राघव चड्ढा ने एक्स पर लिखा, 'हमने मिलकर जीत हासिल की है। त्वरित व्यापार प्लेटफार्मों से '10 मिनट डिलीवरी' का लोगो हटाने के लिए केंद्र सरकार के समयोचित, निर्णायक और सहानुभूतिपूर्ण हस्तक्षेप के लिए मैं अत्यंत आभारी हूं। यह एक बेहद जरूरी कदम है क्योंकि जब किसी डिलीवरी राइडर की टी-शर्ट/जैकेट/बैग पर '10 मिनट' लिखा होता है और ग्राहक की स्क्रीन पर टाइमर चलता रहता है, तो दबाव वास्तविक, निरंतर और खतरनाक होता है। यह कदम डिलीवरी राइडर्स और सड़कों पर चलने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक होगा...।" बता दें कि इससे पहले राघव चड्ढा ने स्वयं ब्लिंकट डिलीवरी ब्वॉय बनकर उन्हें आने वाली परेशानियों को महसूस किया था।
यह जीत निर्णायक...
केंद्र सरकार ने कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी (सेंट्रल) रूल्स 2025 के नाम से ड्राफ्ट जारी किया था। इसके तहत गिग वर्कर्स को अलग-अलग सोशल सिक्योरिटी बेनिफिट्स और सुरक्षा हासिल करने के लिए उचित नियम तय किए गए थे। राघव चड्ढा ने उस समय ट्वीट कर लिखा था कि जोमेटो, स्विगी, ब्लिंकिट जैसे प्लेटफार्म ने गिग वर्कर्स की बात नहीं सुनी, लेकिन केंद्र सरकार ने उनकी बात सुन ली है।उन्होंने केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए गिग वर्कर्स को संदेश दिया था कि यह एक छोटी जीत है, लेकिन महत्वपूर्ण जीत है। अब ब्लिंकिट ने दस मिनट में डिलीवरी वाला नियम हटाने की तैयारी शुरू कर दी है, लिहाजा राघव चड्ढा ने इसके लिए फिर से केंद्र सरकार का आभार जताया है।
आज हुई संबंधित कंपनियों के साथ चर्चा
आज मंगलवार को केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने प्रमुख फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म से दस मिनट में डिलीवरी वाला सिस्टम खत्म करने को कहा। उन्होंने जोर दिया कि डिलीवरी पार्टनर की सुरक्षा सामान भेजने की गति से ज्यादा महत्वपूर्ण है। उन्होंने ब्लिंकिट, जेप्टो, स्विगी और जोमैटो अधिकारियों के साथ चर्चा की। इसके बाद ब्लिंकिट ने स्पष्ट कर दिया कि अपने सभी ब्रांड प्लेटफार्म से 10 मिनट का डिलीवरी का दावा हटा लिया जाएगा।
गिग वर्कर्स ने दिसंबर माह में की थी हड़ताल
गिग वर्कर्स ने 25 दिसंबर को क्रिसमस के मौके पर देशव्यापी हड़ताल की थी। इसके बाद भी संबंधित कंपनियों ने उनकी मांगें नहीं सुनी गई तो 31 दिसंबर को फिर से हड़ताल पर चले गए थे। मामला सुखियों में आया तो केंद्र सरकार ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद अब ब्लिंकिट ने 10 मिनट में डिलीवरी का दावा हटाने की तैयारी कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बाकी कंपनियां भी तय नियमों को सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठा रही है।