नक्सलवाद के खात्मे का काउंटडाउन शुरू: DRG का अंतिम टारगेट बना पापा राव, 31 जनवरी तक जिंदा या मुर्दा पकड़ना जवानों के लिए चुनौती
देवा बरसे समेत कई नक्सलियों के सरेंडर के बाद अब DRG का सबसे बड़ा टारगेट पापा राव है। 50 लाख के इनामी इस कमांडर को जिंदा या मुर्दा पकड़ना जवानों के लिए चुनौती बना हुआ है।
50 लाख का ईनामी नक्सली पापा राव
गणेश मिश्रा - बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सल मोर्चे पर तेजी से बदलते हालात के बीच अब सुरक्षा बलों का सबसे बड़ा लक्ष्य एक ही नाम पर आकर टिक गया है- पापा राव। देवा बरसे समेत 20 नक्सलियों के सरेंडर, तेलंगाना-आंध्र मूल के कई शीर्ष नक्सल नेताओं के आत्मसमर्पण और लगातार मुठभेड़ों में नक्सलियों के मारे जाने के बाद नक्सलवाद की कमर टूटने लगी है। लेकिन इसके बावजूद बीजापुर के जंगलों में दशकों से सक्रिय पापा राव अभी भी DRG के लिए सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है।
नक्सलियों के सरेंडर से बदल रहा है बस्तर का नक्शा
हाल ही में मोस्ट वॉन्टेड माओवादी नेता देवा बरसे ने हैदराबाद में आत्मसमर्पण किया। उसके साथ 20 अन्य नक्सलियों ने भी हथियार डाल दिए। इससे पहले भी कई केंद्रीय कमेटी स्तर के नक्सली तेलंगाना-हैदराबाद में समर्पण कर चुके हैं, जबकि आधा दर्जन से अधिक टॉप कमांडर मुठभेड़ों में ढेर हो चुके हैं। पुलिस अब दावा कर रही है कि नक्सलवाद के खात्मे में सिर्फ दो महीने की दूरी बची है।
अभी भी सौ के करीब सशस्त्र नक्सली सक्रिय
सुरक्षा एजेंसियों के विश्लेषण के मुताबिक बीजापुर के विभिन्न इलाकों में करीब 100 सशस्त्र नक्सली अभी भी सक्रिय हैं। इनमें से सबसे खतरनाक और प्रभावी चेहरा पापा राव है, जो DRG और सरकार दोनों के लिए सबसे कठिन चुनौती बना हुआ है।
DRG का टारगेट पापा राव
सुरक्षा अधिकारियों की माने तो अब DRG का सबसे प्रमुख मिशन है 'पापा राव को जिंदा या मुर्दा पकड़ना।' पुलिस का कहना है कि, पापा राव को समर्पण का पूरा मौका दिया गया है, लेकिन वह लगातार लुका-छिपी खेलकर ऑपरेशनों को चकमा दे रहा है। उच्च स्तरीय बैठकों में पापा राव को लेकर स्पेशल ऑपरेशन प्लान तैयार किया जा रहा है।
पापा राव पर फोकस क्यों?
- बीजापुर में दशकों से सक्रिय
- कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड
- 6 जनवरी कुटरू-बेदरे रोड IED ब्लास्ट का आरोपी
- 8 जवान और एक ड्राइवर की मौत
- पुलिस ने 50 लाख रुपये का इनाम रखा
घने जंगल, स्थानीय नेटवर्क और टैक्टिक्स के चलते पकड़ से दूर पापा राव को सबसे खतरनाक नक्सल कमांडर माना जाता है।
31 जनवरी डेडलाइन, सिर्फ 15 दिनों का वक्त
सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा बलों ने पापा राव को 31 जनवरी तक आत्मसमर्पण का अवसर दिया है। अगर वह ऐसा नहीं करता तो उसके खिलाफ कंबाइंड ऑपरेशन चलाया जाएगा। इसका मतलब अब पापा राव के पास सिर्फ 15 दिन ही बचे हैं।
अन्य शीर्ष नक्सली भी निशाने पर
पापा राव के अलावा DRG और सुरक्षा बल जिन नेताओं पर फोकस कर रहे हैं- देव जी (नक्सल सुप्रीमो), मल्ला राजी रेड्डी उर्फ संग्राम और गणपति इनके खात्मे या सरेंडर के बाद बस्तर को नक्सल मुक्त घोषित करने की तैयारी की जा सकती है।
2025 का आंकड़ा: नक्सलियों की सबसे बड़ी क्षति
- कुल 99 मुठभेड़
- 256 नक्सली मारे गए (5 साल में सबसे अधिक)
- 884 नक्सली गिरफ्तार
- 2025 में नक्सली एक भी हथियार लूट नहीं पाए
ये आँकड़े बताते हैं कि सुरक्षा बलों की पकड़ अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है।