किसानों ने NH-30 किया जाम: धान का उठाव नहीं होने के कारण जता रहे नाराज़गी, वाहनों की लगी लंबी कतार
कोंडागांव जिले में किसानों के NH-30 जाम करने से ड़क पर यात्री बसों सहित सैकड़ो वाहनों की कतार लग गई।
वाहनों की लंबी कतार लगने से NH-30 जाम
इसरार अहमद- कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में किसानों ने NH-30 जाम कर दिया है। जिससे सड़क पर यात्री बसों सहित सैकड़ो वाहनों की कतार लग गई। जिसकी जांच करने मौके पर प्रशासन की टीम पहुंची। धान संग्रहण केंद्रों से नियमित रूप से धान का उठाव नहीं होने के कारण कोंडागांव जिले में लगातार अव्यवस्था बनी हुई थीं। जिसके चलते विभिन्न खरीदी केंद्रों में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो रही थी।
वहीं बुधवार की सुबह बनियागांव नेशनल हाईवे 30 पर धान खरीदी में व्यवधान को लेकर आक्रोशित किसानों ने चक्का जाम कर दिया। धान से भरे टैक्टर सड़क पर खड़े कर किसान प्रदर्श कर रहें हैं। पुलिस बल मौके पर पहुंच चुकी है और प्रशासन लगातार ग्रामीणों से चक्का जाम खुलवाने का प्रयास कर रही है। इस दौरान किसानों के साथ स्थानीय ग्रामीण भी प्रदर्शन का हिस्सा बन गए है।
धान खरीदी के सिस्टम में बड़ा बदलाव
वहीं राजधानी में धान खरीदी व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन टोकन प्रक्रिया को बंद करने का निर्णय लिया है। अब किसानों को धान बेचने के लिए ऑफलाइन टोकन की व्यवस्था की गई है। ऐसे में अब किसानों को लंबी प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी।
अब आफ लाइन मिलेगा टोकन
नई व्यवस्था के तहत किसान अब सहकारी समिति केंद्रों से सीधे ऑफलाइन टोकन प्राप्त कर सकेंगे। इससे उन किसानों को राहत मिलेगी जिन्हें ऑनलाइन टोकन प्रक्रिया में तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। ऑफलाइन टोकन व्यवस्था से धान खरीदी प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और तेज होगी तथा ग्रामीण इलाकों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। यह फैसला छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर चल रही समस्याओं के समाधान की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
किसानों की परेशानियों के चलते लिया गया निर्णय
कोरबा में धान न बिकने और टोकन न मिलने से नाराज किसान ने आत्महत्या करने की कोशिश की। किसान को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जहां उसका इलाज जारी है। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद कोरबा सांसद ने किसानों की दशा पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि, किसान घर में पड़ा रहा धान पर नहीं बेच पाया था। जिसकी वजह से उसने यह कदम उठाया है।