Pariksha Pe Charcha 2026: पीएम मोदी ने छात्रों से की बातचीत, गेमिंग प्लेटफॉर्म का समझदारी से उपयोग करने की दी सलाह
Pariksha Pe Charcha 2026 LIVE में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद शुरू किया। इस साल 4.5 करोड़ से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए हैं। जानिए परीक्षा तनाव, तैयारी और इस वर्ष की थीम से जुड़ी ताजा अपडेट।
Pariksha Pe Charcha 2026 Live: परीक्षा पे चर्चा 2026 का नौवां संस्करण आज सुबह 10 बजे शुरू हुआ, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभर के छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से सीधे संवाद कर रहे हैं। बोर्ड परीक्षाओं से पहले आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम हर साल विद्यार्थियों के तनाव को कम करने और उन्हें सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा देने के लिए प्रेरित करता है।
इस बार रिकॉर्ड तोड़ भागीदारी
इस वर्ष Pariksha Pe Charcha 2026 में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 4.5 करोड़ से अधिक छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों ने पंजीकरण कराया है। बताया जा रहा है कि यह संख्या 2025 के गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ चुकी है, जिससे इस कार्यक्रम की लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
परीक्षा को उत्सव बनाने पर जोर
इस साल कार्यक्रम की थीम “Make Exams a Celebration” रखी गई है। प्रधानमंत्री छात्रों को परीक्षा को बोझ नहीं, बल्कि एक अवसर के रूप में देखने की सलाह दे रहे हैं। इसके साथ ही स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ भारत जैसे विषयों को भी चर्चा में शामिल किया गया है।
तनाव प्रबंधन और तैयारी पर खास मार्गदर्शन
लाइव कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी छात्रों के सवालों का जवाब दे रहे हैं और परीक्षा की तैयारी, समय प्रबंधन, फोकस बनाए रखने और तनाव से निपटने के तरीके साझा कर रहे हैं। वे अभिभावकों और शिक्षकों से भी अपील कर रहे हैं कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न बनाएं और सकारात्मक माहौल तैयार करें।
2018 से शुरू हुई पहल
Pariksha Pe Charcha की शुरुआत फरवरी 2018 में नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम से हुई थी। तब से यह कार्यक्रम हर साल आयोजित किया जाता है और लाखों छात्र इससे जुड़ते हैं। समय के साथ यह एक राष्ट्रीय स्तर का संवाद मंच बन चुका है।
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बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों के लिए बड़ा संदेश
बोर्ड परीक्षा सीजन नजदीक आते ही छात्रों में तनाव बढ़ना आम बात है। ऐसे में Pariksha Pe Charcha 2026 को विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायक पहल माना जा रहा है, जहां उन्हें सीधे प्रधानमंत्री से संवाद करने और मार्गदर्शन पाने का अवसर मिलता है।
पीएम मोदी ने धन्यवाद के साथ परीक्षा पे चर्चा का समापन किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2026 की परीक्षा पे चर्चा का समापन छात्रों के बांसुरी बजाने और अपने गृहनगर से लाए तोहफे देने के साथ किया।
‘परिणाम अंतिम लक्ष्य नहीं हो सकता’
प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को संदेश दिया कि केवल रिजल्ट पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय अपनी बुनियाद मजबूत करने पर जोर दें। उन्होंने कहा कि यदि स्कूल के दिनों में नींव मजबूत होगी तो प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता अपने आप मिलती चली जाएगी। पीएम ने छात्रों से निरंतर सीखने, समझने और खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान देने की अपील की।
परीक्षा के मौसम में घर आए मेहमानों के सवालों से कैसे निपटें?
एक छात्र के इस सवाल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हल्के-फुल्के अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मेहमानों के सवालों से घबराने के बजाय आप ही उनसे पूछ लीजिए कि उनके स्कूल के दिनों में वे कैसे पढ़ाई करते थे और क्या ऐसे सवाल उन्हें परेशान करते थे। पीएम मोदी ने कहा कि माहौल को सकारात्मक रखें और अनावश्यक दबाव को अपने ऊपर हावी न होने दें।
पढ़ाई और गेमिंग के बीच संतुलन बनाना जारूरी
परीक्षा पे चर्चा के दौरान एक छात्र ने पढ़ाई और गेमिंग के बीच संतुलन को लेकर सवाल किया और बताया कि वह गेमिंग को गंभीरता से आगे बढ़ाना चाहता है, लेकिन दिशा को लेकर असमंजस में है। इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसी भी शौक को पेशे में बदलने के लिए उसे खुलकर दुनिया के सामने रखना जरूरी है। अपनी क्रिएटिविटी को साझा करने से फीडबैक मिलता है, नए विचार जन्म लेते हैं और वही आगे चलकर सफलता की राह बनाते हैं। उन्होंने छात्रों को पढ़ाई, खेल और मुस्कान- तीनों के बीच संतुलन बनाए रखने की सलाह भी दी।
पीएम मोदी का 'परीक्षा पे चर्चा' पर संदेश
छात्रों के लिए पीएम मोदी का 'परीक्षा पे चर्चा' संदेश: "एक पैटर्न फॉलो करें, पूरा आत्मविश्वास रखें"
छात्रों के माता-पिता से क्या बोले पीएम मोदी
जो माता-पिता कुछ कॉम्पिटिटिव एग्जाम या दूसरी पढ़ाई समय से पहले पूरी करने को लेकर चिंतित हैं, उन्हें जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें स्टूडेंट्स को उनकी अपनी ताकत के हिसाब से आगे बढ़ने देना चाहिए।
पीएम मोदी ने अपना मंत्र शेयर किया
परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों को सफलता का अपना मंत्र देते हुए कहा कि अगर स्कूल के दिनों में बुनियाद मजबूत कर ली जाए, तो प्रतियोगी परीक्षाओं में कामयाबी अपने आप मिल जाती है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे रटने के बजाय विषयों की गहराई को समझें और मूलभूत अवधारणाओं पर पकड़ मजबूत करें, क्योंकि यही मजबूत नींव आगे चलकर हर बड़े लक्ष्य को हासिल करने में मदद करती है।
लाइफ स्किल्स और प्रोफेशनल स्किल्स दोनों जरूरी
परीक्षा पे चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जीवन में दो तरह की स्किल्स जरूरी होती हैं - लाइफ स्किल्स और प्रोफेशनल स्किल्स - और छात्रों को दोनों के बीच संतुलन बनाकर चलना चाहिए। उन्होंने बताया कि कोई भी कौशल केवल किताबों से नहीं सीखा जा सकता, बल्कि अवलोकन और सही ज्ञान के माध्यम से विकसित होता है। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि अनुशासित जीवनशैली, अच्छा स्वास्थ्य और मजबूत संवाद क्षमता ही असली लाइफ स्किल्स की नींव हैं, जो आगे चलकर प्रोफेशनल सफलता का आधार बनती हैं।
PM मोदी ने बताया कि स्किल्स या मार्क्स, क्या ज्यादा जरूरी है
परीक्षा पे चर्चा के चैप्टर 3, 'मकसद के साथ तैयारी' में, एक स्टूडेंट पूछता है: 'आप कहते हैं कि स्किल्स जरूरी हैं, लेकिन दूसरे कहते हैं कि मार्क्स ज्यादा जरूरी हैं - इनमें से कौन सही है?'
प्रधानमंत्री मोदी जवाब देते हैं कि हर चीज़ में बैलेंस ज़रूरी है। आपकी पढ़ाई, स्किल्स और हॉबीज़ साथ-साथ बढ़नी चाहिए - यही बैलेंस तरक्की की असली चाबी है।
पीएम मोदी ने बताया कि जब छात्र टीचरों से पीछे रह जाएं तो क्या करें
पीएम मोदी ने कहा कि टीचरों को यह पक्का करना चाहिए कि उनकी स्पीड छात्रों से सिर्फ एक कदम आगे हो, ताकि सीखना उनके लिए आसान और सुलभ बना रहे।