Ignition Lock: दोपहिया में कैसे काम करता है कीलेस इग्निशन सिस्टम? जानें इसके फायदे-नुकसान?

दोपहिया में कीलेस इग्निशन सिस्टम में मैकेनिकल लॉक की जगह इलेक्ट्रॉनिक स्मार्ट की सिस्टम होता है। राइडर के पास एक प्रॉक्सिमिटी-बेस्ड की-फॉब रहता है, जो रेडियो फ्रीक्वेंसी कम्युनिकेशन पर काम करता है।

Updated On 2026-02-04 13:16:00 IST

कीलेस इग्निशन सिस्टम दोपहिया में कैसे काम करता है

Ignition Lock: आज के समय में मोटरसाइकिल और स्कूटर सिर्फ माइलेज तक सीमित नहीं रहे, बल्कि तेजी से स्मार्ट टेक्नोलॉजी से लैस हो रहे हैं। पहले जो Keyless Ignition सिस्टम सिर्फ प्रीमियम कारों में देखने को मिलता था, अब वही फीचर दोपहिया वाहनों में भी आम होता जा रहा है। इस तकनीक में पारंपरिक मेटल चाबी की जगह स्मार्ट की-फॉब दिया जाता है, जिससे बाइक या स्कूटर को स्टार्ट, लॉक और अनलॉक किया जा सकता है।

Keyless Ignition कैसे काम करता है?

  • कीलेस इग्निशन सिस्टम में मैकेनिकल लॉक की जगह इलेक्ट्रॉनिक स्मार्ट की सिस्टम होता है। राइडर के पास एक प्रॉक्सिमिटी-बेस्ड की-फॉब रहता है, जिसे जेब या बैग में रखने पर भी वाहन पहचान लेता है। जब की-फॉब तय दूरी के अंदर होता है, तो बाइक वायरलेस सिग्नल के जरिए उसे पहचानती है।
  • इसके बाद पुश-बटन या डायल घुमाकर इंजन स्टार्ट किया जा सकता है। इस सिस्टम के जरिए स्टेयरिंग लॉक/अनलॉक, इग्निशन कंट्रोल, अंडर-सीट स्टोरेज या फ्यूल लिड ओपन जैसे फंक्शन भी मिलते हैं। कई स्कूटर्स में आंसर-बैक फीचर दिया जाता है, जिससे पार्किंग में वाहन ढूंढना आसान हो जाता है। यह पूरा सिस्टम रेडियो फ्रीक्वेंसी कम्युनिकेशन पर काम करता है।

Keyless Ignition के फायदे:

* ज्यादा सुविधा और आसान स्टार्ट

* बेहतर सुरक्षा, चोरी का खतरा कम

* स्मार्ट फीचर्स जैसे रिमोट सीट ओपन

* मॉडर्न और क्लीन डिजाइन

* बेहतर यूज़र एक्सपीरियंस

Keyless Ignition के नुकसान:

* रिपेयर और रिप्लेसमेंट महंगा

* बैटरी पर पूरी तरह निर्भरता

* नए यूजर्स के लिए सीखने में समय

* सिग्नल इंटरफेरेंस की संभावना

* की-फॉब भूलने का रिस्क

अगर आप कन्वीनियंस, सेफ्टी और स्मार्ट टेक्नोलॉजी को प्राथमिकता देते हैं, तो कीलेस इग्निशन आपके लिए उपयोगी फीचर है। वहीं, सादगी और कम मेंटेनेंस चाहने वालों के लिए पारंपरिक चाबी अब भी भरोसेमंद विकल्प बनी हुई है। कुल मिलाकर, कीलेस इग्निशन अब लक्जरी नहीं बल्कि डेली राइड को आसान बनाने वाला फीचर बन चुका है।

(मंजू कुमारी)

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