Breaking News
Top

अधर में फंसा इंजीनियरिंग छात्रों का भविष्य, बंद हुए 800 कॉलेज

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Sep 2 2017 3:05PM IST
अधर में फंसा इंजीनियरिंग छात्रों का भविष्य, बंद हुए 800 कॉलेज

कभी इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन लेने के लिए लंबी-लंबी लाइने लगा करती थी। लेकिन अब कर्नाटक के 800 इंजीनियरिंग कॉलेजों को बंद करने का फैसला लिया गया है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने इन कॉलेजों को बंद करने की मंजूरी दे दी है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस कॉलेजों के बंद करने के पीछे एआईसीटीई के रूल है। जिनकी वजह से इन इंजीनियरिंग के कॉलेजों को बंद करने का फैसला लिया गया है। एआईसीटीई के अध्यक्ष अनिल दत्तात्रेय सहस्रबुद्धे ने कहा कि इन कॉलेजों में न तो मूलभूत ढांचा बेहतर है न इनकी सीटें ही पूरी तरह भर पा रही हैं।

ये भी पढ़ें - UPPSC: अब से परीक्षा में लागू होगी माइनस मार्किंग

उन्होंने आगे कहा कि एआईसीटीई के नियमों के मुताबिक, अगर किसी कॉलेज में जरूरी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं और लगातार पांच साल तक उसमें 30 फीसदी या इससे कम सीटें भरती हैं तो उसे बंद दिया जाता है।

इन्हीं सख्त नियमों की वजह से हर साल 150 से ज्यादा इंजीनियरिंग के कॉलेज बंद हो रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2014-15 से 2017-18 तक देश में 410 से ज्यादा इंजीनिरिंग कॉलेजों बंद किया गया।

जबकि कर्नाटक के आलावा अन्य राज्य जैसे तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, हरियाणा, गुजरात और मध्य प्रदेश में इंजीनियरिंग कॉलेज बंद किए जाने की तैयारी की जा रही है। 

ADS

(हमसे जुड़े रहने के लिए आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं )
800 engineering colleges to close over low quality in karnataka

-Tags:#Career#AICTE#Engineering College

ADS

ADS

मुख्य खबरें

ADS

ADS

ADS

ADS

Copyright @ 2017 Haribhoomi. All Right Reserved
Designed & Developed by 4C Plus Logo