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मध्य पूर्व में तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है, जिसने वैश्विक राजनीति और तेल बाजार में हलचल मचा दी है।

मध्य पूर्व में तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है, जिसने वैश्विक राजनीति और तेल बाजार में हलचल मचा दी है।

48 घंटे का अल्टीमेटम
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए ईरान को साफ चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर ईरान 48 घंटे के भीतर होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह और सुरक्षित रूप से नहीं खोलता, तो अमेरिका उसके पावर प्लांट्स पर सीधा हमला करेगा।

ट्रंप के मुताबिक, कार्रवाई सबसे बड़े पावर प्लांट से शुरू होगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब एक दिन पहले ही उन्होंने युद्ध खत्म करने की बात कही थी।

क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट?
Strait of Hormuz दुनिया का सबसे अहम समुद्री रास्ता माना जाता है। यहां से दुनिया का करीब 20% कच्चा तेल और LNG गुजरता है। ईरान ने इसे 28 फरवरी को आंशिक रूप से बंद कर दिया था, खासकर उन देशों के जहाजों के लिए जो उस पर हमलों में शामिल रहे हैं।

तेहरान का पलटवार
ट्रंप की धमकी के बाद ईरान भी पीछे नहीं हटा। ईरानी सैन्य कमान ख़तम अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय मे साफ कहा है कि अगर अमेरिका ने ऊर्जा ढांचे पर हमला किया, तो जवाब में पूरे क्षेत्र में अमेरिकी और उसके सहयोगियों के ऊर्जा, आईटी और पानी के संयंत्रों को निशाना बनाया जाएगा। ईरान का यह बयान साफ संकेत देता है कि हालात किसी भी वक्त बड़े युद्ध में बदल सकते हैं।

दुनिया में बढ़ी चिंता
ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, यूएई और बहरीन जैसे कई देशों ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है। तेल की सप्लाई प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। अगर स्थिति लंबी चली, तो इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा और महंगाई बढ़ सकती है।

क्या हो सकता है आगे?
मौजूदा हालात बेहद संवेदनशील हैं। अगर ईरान अल्टीमेटम नहीं मानता, तो अमेरिका की कार्रवाई से क्षेत्र में बड़ा युद्ध छिड़ सकता है। वहीं, अगर बातचीत का रास्ता निकला तो स्थिति संभल भी सकती है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें इसी बात पर टिकी हैं कि अगले 48 घंटे में क्या फैसला होता है।

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