ईरान के पहाड़ी इलाके में फंसे एक अमेरिकी पायलट को बचाने के लिए अमेरिका ने ऐसा ऑपरेशन चलाया, जिसने दुनिया का ध्यान खींच लिया। करीब 36 घंटे तक दुश्मन इलाके में छिपे इस पायलट को निकालने के लिए SEAL Team 6, CIA और एयरफोर्स ने मिलकर हाई-रिस्क मिशन अंजाम दिया।
कैसे फंसा US पायलट?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी F-15 फाइटर जेट ईरान के अंदर क्रैश हो गया था। इस हादसे के बाद पायलट और उसका साथी अलग-अलग हो गए। जहां एक क्रू मेंबर को जल्दी सुरक्षित निकाल लिया गया, वहीं दूसरा अधिकारी पहाड़ों में फंस गया।
कठिन भूभाग और दुश्मन इलाके की वजह से स्थिति बेहद खतरनाक हो गई। ईरानी सुरक्षा एजेंसियां भी उस क्षेत्र में सक्रिय थीं, जिससे खतरा और बढ़ गया।
36 घंटे तक मौत के साए में रहा पायलट
बताया जा रहा है कि फंसा हुआ अधिकारी करीब 36 घंटे तक पहाड़ों में छिपा रहा। इस दौरान उसने लगातार अपनी लोकेशन बदलते हुए खुद को सुरक्षित रखने की कोशिश की।
उसके पास सीमित संसाधन थे और हर पल पकड़े जाने का खतरा बना हुआ था। अमेरिकी सेना लगातार उसकी लोकेशन ट्रैक कर रही थी।
SEAL Team 6 और CIA ने संभाला मोर्चा
पायलट को निकालने के लिए अमेरिका ने अपने सबसे खास कमांडो यूनिट SEAL Team 6 को मिशन पर भेजा। इसके साथ ही CIA ने भी ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई।
रिपोर्ट्स के अनुसार:
- इलाके में एयरस्ट्राइक कर दुश्मन को दूर रखा गया
- खुफिया एजेंसियों ने गलत जानकारी फैलाकर विरोधी पक्ष को भ्रमित किया
- स्पेशल फोर्सेज ने गुपचुप तरीके से एंट्री की
कैसे हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन?
ऑपरेशन के अंतिम चरण में कमांडो टीम ने पहाड़ी इलाके में पहुंचकर पायलट को सुरक्षित निकाला। यह मिशन बेहद सटीक टाइमिंग और प्लानिंग के साथ अंजाम दिया गया।
बताया जा रहा है कि हेलीकॉप्टर और फाइटर जेट्स की मदद से पूरे इलाके को कवर किया गया, ताकि रेस्क्यू के दौरान कोई खतरा न हो।
कितनी अंदर तक गया ऑपरेशन?
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यह मिशन ईरान के अंदर काफी गहराई तक चलाया गया। हालांकि, इसकी सटीक दूरी को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं।
फिर भी यह साफ है कि यह हाल के समय के सबसे साहसी और हाई-रिस्क ऑपरेशनों में से एक था।
क्यों खास है यह मिशन?
यह ऑपरेशन इसलिए खास माना जा रहा है क्योंकि:
- दुश्मन देश के अंदर जाकर रेस्क्यू किया गया
- हाई-टेक और इंटेलिजेंस का इस्तेमाल हुआ
- कमांडो ऑपरेशन बेहद सटीक रहा
पहले भी ऐसे ऑपरेशन कर चुकी है SEAL Team 6
यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने दुश्मन इलाके में इस तरह का हाई-रिस्क ऑपरेशन चलाया हो। इससे पहले भी अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज ने कई बड़े मिशन अंजाम दिए हैं।
सबसे चर्चित ऑपरेशन साल 2011 में हुआ था, जब Osama Bin Laden को पाकिस्तान के एबटाबाद में मार गिराया गया था। उस मिशन में भी अमेरिकी नेवी की स्पेशल यूनिट SEAL Team 6 शामिल थी।
उस ऑपरेशन की तरह ही इस बार भी खुफिया एजेंसियों और स्पेशल फोर्सेज के बीच करीबी तालमेल देखने को मिला। हालांकि दोनों मिशनों की परिस्थितियां अलग थीं, लेकिन यह साफ है कि ऐसे ऑपरेशन बेहद गोपनीय, जोखिम भरे और सटीक योजना पर आधारित होते हैं।
ऑपरेशन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं
ईरान के पहाड़ों में फंसे अमेरिकी पायलट को बचाने का यह ऑपरेशन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। SEAL Team 6 और अमेरिकी एजेंसियों की इस संयुक्त कार्रवाई ने एक बार फिर दिखा दिया कि ऐसे मिशन कितने जटिल और जोखिम भरे होते हैं।









