पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। संघर्ष के 12वें दिन ईरान ने क्षेत्र के मुस्लिम देशों और नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके पास अमेरिकी या इजरायली सैनिकों के ठिकानों की कोई जानकारी हो तो उसे साझा करें, ताकि सटीक हमले किए जा सकें।
इसी बीच अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास बड़ी सैन्य कार्रवाई करते हुए ईरान की 16 ऐसी नौकाओं को नष्ट करने का दावा किया है, जिनका इस्तेमाल समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने के लिए किया जा सकता था। युद्ध के बढ़ते दायरे के बीच ईरान में हजारों घरों के तबाह होने और सैकड़ों लोगों की मौत की खबरें सामने आ रही हैं, जबकि यूरोप और खाड़ी देशों ने भी अपनी सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं।
ईरान का गंभीर आरोप और अमेरिकी सेना को भारी नुकसान
ईरान के सेना प्रवक्ता जनरल अबोलफजल शेखरची ने अमेरिका और इजरायल पर युद्ध के बुनियादी नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। प्रवक्ता के अनुसार, इजराइली और अमेरिकी सेना सीधे ईरानी सेना का सामना करने में विफल रही है, इसलिए वे जानबूझकर महिलाओं, बच्चों और रिहायशी इलाकों को निशाना बना रहे हैं।
इस बीच, युद्ध का असर अमेरिकी सेना पर भी साफ दिख रहा है, जहाँ अब तक हुई झड़पों में लगभग 140 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं और 7 सैनिकों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है।
अमेरिका की बड़ी कार्रवाई: समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगे तबाह
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री रास्तों को सुरक्षित करने के लिए बड़ी सैन्य कार्रवाई की घोषणा की है।
U.S. forces eliminated multiple Iranian naval vessels, March 10, including 16 minelayers near the Strait of Hormuz. pic.twitter.com/371unKYiJs
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 10, 2026
अमेरिकी सेना ने ईरान की ऐसी 16 नावों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है, जिनका इस्तेमाल समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने के लिए किया जा सकता था। ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि यदि ईरान शिपिंग रास्तों में माइन लगाने जैसी कोशिश करेगा, तो अमेरिका ऐसा जवाबी हमला करेगा जैसा ईरान ने पहले कभी नहीं देखा होगा।
ईरान में तबाही का मंजर और 8000 घरों को नुकसान
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी के अनुसार, देश में अब तक लगभग 8000 घरों को नुकसान पहुँचा है। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 9600 सिविलियन इलाकों को निशाना बनाया गया है, जिनमें बाजार, अस्पताल, मेडिसिन सेंटर और स्कूल शामिल हैं।
युद्ध में अब तक 1300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। जवाब में ईरान ने भी इजरायल के हाइफा, यरुशलम और तेल अवीव जैसे शहरों पर ताबड़तोड़ मिसाइल हमले करने का दावा किया है।
सऊदी अरब ने बदला तेल निर्यात का रास्ता और यूरोप की तैयारी
होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी नाकेबंदी और बढ़ते जोखिम को देखते हुए दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको ने अपना मुख्य शिपिंग रूट बदल दिया है। अब सऊदी अरब पाइपलाइनों के जरिए तेल को लाल सागर के यनबू बंदरगाह तक पहुँचा रहा है, जहाँ से इसे निर्यात किया जाएगा।
दूसरी ओर, यूरोप ने भी अपनी सुरक्षा बढ़ा दी है; फ्रांस ने विमानवाहक पोत चार्ल्स डी गॉल, ब्रिटेन ने HMS ड्रैगन डिस्ट्रॉयर और इटली ने अपने युद्धपोत पूर्वी भूमध्यसागर में तैनात कर दिए हैं ताकि यूरोपीय ठिकानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।








