वाराणसी की एक विशेष अदालत ने भारी मात्रा में कोडीनयुक्त कफ सीरप की तस्करी के मुख्य सरगना शुभम जायसवाल के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कुर्की की नोटिस जारी कर दी है।
करीब 2000 करोड़ रुपये के इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह के खुलासे के बाद से शुभम फरार चल रहा है। अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी मनोज कुमार द्वितीय की अदालत ने आदेश दिया है कि यदि आरोपी 27 अप्रैल 2026 तक न्यायालय में उपस्थित नहीं होता है, तो उसकी संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
सारनाथ पुलिस ने चस्पा किया उद्घोषणा नोटिसन्यायालय के आदेश के बाद सारनाथ थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने पुलिस टीम के साथ आरोपी शुभम जायसवाल के निवास स्थान पर जाकर कुर्की पूर्व की उद्घोषणा चस्पा की। कानून के मुताबिक, यह नोटिस न केवल आरोपी के घर पर लगाया गया, बल्कि सार्वजनिक रूप से इसे पढ़कर भी सुनाया गया ताकि आरोपी और उसके परिवार को न्यायालय में पेश होने की अंतिम जानकारी मिल सके।
यह कार्रवाई नार्कोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 (NDPS) के तहत दर्ज मामले में लगातार गैर-हाजिर रहने के कारण की गई है।
दुबई भागने की आशंका, प्रत्यर्पण की तैयारी में जुटी पुलिस
जांच एजेंसियों को संदेह है कि मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल अपने परिवार के साथ देश छोड़कर दुबई फरार हो चुका है। पुलिस ने उसके खिलाफ 23 फरवरी को ही गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी करवाया था, लेकिन उसके हाजिर न होने पर अब कुर्की की कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।
वाराणसी पुलिस अब विदेश मंत्रालय और केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से उसके प्रत्यर्पण के प्रयास कर रही है ताकि उसे भारत लाकर कानूनी कार्यवाही को पूरा किया जा सके।
तस्करी नेटवर्क का कानपुर और प्रयागराज तक फैला जाल
यह मामला पिछले साल 18 दिसंबर को तब सामने आया था जब औषधि निरीक्षक जुनाब अली ने सारनाथ स्थित 'पीडी फार्मा' के संचालक विष्णु पांडेय के खिलाफ कोडीनयुक्त कफ सीरप के गैर-चिकित्सकीय उपयोग को लेकर मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आए कि इस अवैध कारोबार के तार न केवल वाराणसी, बल्कि कानपुर और प्रयागराज जैसे बड़े शहरों से भी जुड़े हुए थे।
शुभम जायसवाल को इस पूरे सिंडिकेट का मास्टरमाइंड माना गया है, जबकि उसके पिता भोला प्रसाद और कई अन्य सहयोगियों के नाम भी जांच के दौरान उजागर हुए हैं।
ट्रायल का रास्ता साफ: 23 मार्च को दाखिल हुआ आरोप पत्र
पुलिस ने इस मामले में शुभम को छोड़कर अन्य सभी मुख्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने 23 मार्च 2026 को न्यायालय में अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। इससे तस्करी के अन्य पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ ट्रायल शुरू होने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
अब प्रशासन का पूरा ध्यान मुख्य सरगना शुभम की गिरफ्तारी और उसकी अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को कुर्क करने पर है।










