UP Lok Sabha Election 2024: लोकसभा के चार चरण की वोटिंग के बाद उत्तर प्रदेश की सियासी फिजा बदली-बदली नजर आ रही है। भाजपा-कांग्रेस सहित अन्य दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला बढ़ा गया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हर गरीब महीने में 10 किलो राशन देने की घोषणा की तो प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने सपा-कांग्रेस के नेताओं पर गरीबों के हिस्से का आनाज हड़पने का आरोप लगाया।
#WATCH लखनऊ: उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने कहा, "भ्रम, झूठ और भ्रष्टाचार कांग्रेस, सपा और INDI गठबंधन की पहचान है...इन्हें बताना चाहिए कि 70 वर्षों में अब तक इन्हें गरीबों को मुफ्त राशन देने की बात क्यों नहीं याद आई...खरगे जी भूल गए कि राज्य में किस तरह से… pic.twitter.com/gDziadaUKh
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 15, 2024
हाईकोर्ट को करना पड़ा हस्तक्षेप
भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने कहा, खरगे जी भूल गए कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के लोग किस तरह से गरीबों का राशन खा जाते थे। जांच में हाईकोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा।
कांग्रेस-सपा को नकार चुकी जनता
भूपेन्द्र चौधरी ने इंडिया गठबंधन को परिवारवादी लोगों का संगठन बताया है। कहा, देश के विकास और जनता से इनका कोई लेना-देना नहीं है। यह केवल परिवार तक सीमित हैं। कांग्रेस और सपा को जनता नकार चुकी है।
#WATCH लखनऊ: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "हमें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है कि हम आएंगे तो धर्म के आधार पर आरक्षण करेंगे। संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण करने की इजाज़त नहीं देता है। धर्म के आधार पर अगर आरक्षण किया तो इन(कांग्रेस) लोगों ने किया..." pic.twitter.com/xfNdj6JhPy
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 15, 2024
- बसपा प्रमुख मायावती ने मुफ्त राशन योजना पर निशाना साधा। कहा, देश में बढ़ती महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी और पिछड़ेपन के अभिशाप से मुक्त करना तो दूर भाजपा सरकार इसे रोक पाने में विफल है। यही कारण है कि भाजपा एण्ड कम्पनी के लोग गरीबों को थोड़ा राशन देने को चुनाव में भुनाने पर तुले हैं, जो कि अनुचित है।
- मायवती ने कहा, लोगों को मुफ्त राशन भाजपा सरकार का उपकार नहीं बल्कि लोगों द्वारा दिए गए टैक्स का धन है। इसके बदले वोट मांगकर गरीबों का मजाक उड़ाना अशोभनीय।
1. देेश के लोगों को बढ़ती महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी व पिछड़ेपन आदि के अभिशाप से मुक्त करना तो दूर उन्हें रोक पाने में विफलता के कारण गरीबों को थोड़ा राशन देने को भी भाजपा एण्ड कम्पनी के लोग चुनाव में भुनाने पर तुले हैं, जो उचित नहीं क्योंकि यह मेहरबानी नहीं है। 1/2
— Mayawati (@Mayawati) May 16, 2024











