लखनऊ : राजधानी लखनऊ के बिजनौर रोड पर स्थित पुराना गुड़ौरा इलाका विकास की दौड़ में दशकों पीछे छूट गया है। कागजों पर तो यह क्षेत्र पिछले 45 वर्षों से नगर निगम की सीमा में दर्ज है, लेकिन धरातल पर यहां की स्थिति किसी नरक से कम नहीं है।
बदहाल सड़कें, बजबजाती नालियां और अवैध पशुपालन से उपजी गंदगी ने स्थानीय नागरिकों का जीना मुहाल कर दिया है।
गंदगी और बीमारियों का अंबार: नारकीय जीवन जीने को मजबूर निवासी
इलाके की गलियों में कदम रखते ही कचरे के ढेर और गोबर की सड़ांध स्वागत करती है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि महीनों तक सफाई कर्मी यहाँ चेहरा नहीं दिखाते, जिसके चलते नालियां पूरी तरह चोक हो चुकी हैं।
घरों के सामने जमा गंदा पानी न केवल बदबू फैला रहा है, बल्कि मच्छरों और संक्रामक बीमारियों का गढ़ बन गया है। मासूम बच्चे और बुजुर्ग इन परिस्थितियों के कारण आए दिन अस्पताल के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
दबंगई का साया: आवाज उठाने पर मिलती है धमकी
इलाके की इस दुर्दशा के पीछे प्रशासनिक लापरवाही के साथ-साथ कथित दबंगई भी एक बड़ी वजह है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग इलाके में आतंक का माहौल बनाए हुए हैं।
बाहर से आकर बसे परिवारों को निशाना बनाया जाता है। यदि कोई गंदगी या अवैध पशुपालन के खिलाफ आवाज उठाता है, तो उसे और उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी जाती हैं।
प्रशासनिक टीम पर हमला और आपराधिक रिकॉर्ड
लोगों का कहना है कि यह समूह इतना बेखौफ है कि नगर निगम या पुलिस की टीम जब भी कार्रवाई के लिए पहुंचती है, तो उनके साथ अभद्रता और हमले की कोशिश की जाती है। इस समूह से जुड़े कई लोगों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और कुछ सदस्य जेल की हवा भी खा चुके हैं। इसी डर की वजह से कई नागरिक खुलकर शिकायत करने से भी कतराते हैं।
सीएम पोर्टल की शिकायत पर जागा प्रशासन: अभियान अभी अधूरा
स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने पर जब मामला मुख्यमंत्री पोर्टल तक पहुंचा, तब जाकर पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम (ज़ोन-8) हरकत में आई। हाल ही में चलाए गए एक अभियान के दौरान एक गाय को जब्त कर संरक्षित किया गया।
हालांकि, जनता इसे 'ऊंट के मुंह में जीरा' बता रही है। नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा ने स्वीकार किया कि यह अभियान अभी अधूरा है और आने वाले दिनों में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ और भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










