लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले 9 वर्षों में रक्षा क्षेत्र को अपनी अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनाने के लिए अभूतपूर्व कार्य किया है, यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के माध्यम से लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट जैसे 6 प्रमुख नोड्स में हजारों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारा जा चुका है।
सरकार ने रक्षा उद्योगों के लिए एक सुदृढ़ पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करते हुए निवेशकों को 'सिंगल विंडो क्लीयरेंस' की सुविधा प्रदान की है, जिससे वैश्विक रक्षा कंपनियां अब उत्तर प्रदेश की ओर तेजी से आकर्षित हो रही हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश अब दुनिया की सबसे घातक मिसाइलों में शुमार 'ब्रह्मोस' का निर्माण केंद्र बनकर उभरा है, लखनऊ नोड में ब्रह्मोस मिसाइल के नेक्स्ट जनरेशन विनिर्माण केंद्र की स्थापना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
इसके लिए सरकार ने रिकॉर्ड समय में भूमि आवंटित कर निर्माण कार्य को गति दी है, साथ ही अमेठी के कोरवा में रूस के सहयोग से अत्याधुनिक एके-203 राइफलों का उत्पादन शुरू होना राज्य की बढ़ती सैन्य और औद्योगिक ताकत का जीता-जागता प्रमाण है।
उत्तर प्रदेश अब केवल मिसाइलों ही नहीं बल्कि आधुनिक सैन्य साजो-सामान के निर्माण में भी देश का नेतृत्व कर रहा है, झांसी नोड में भारत डायनेमिक्स लिमिटेड द्वारा मिसाइल प्रोपल्शन सिस्टम की इकाई और कानपुर में निजी रक्षा उद्योगों की सक्रियता ने 'मेक इन यूपी' को नई ऊंचाई दी है।
सरकार की एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण नीति ने निजी क्षेत्र की भागीदारी को इस कदर प्रोत्साहित किया है कि राज्य अब रक्षा उपकरणों के निर्यात में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
रक्षा क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने आईआईटी कानपुर और बीएचयू जैसे संस्थानों के साथ मिलकर अनुसंधान और विकास का एक नया मॉडल तैयार किया है।
रक्षा परीक्षण अवस्थापना योजना के तहत निजी उद्योगों के साथ मिलकर अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं और टेस्टिंग सेंटर बनाए जा रहे हैं, ताकि यूपी में बने रक्षा उत्पाद अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतर सकें, इन प्रयासों से न केवल रक्षा उत्पादों की गुणवत्ता सुधरेगी बल्कि उत्तर प्रदेश डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में एक 'सेल्फ सस्टेनेबल' हब बन जाएगा।
पिछले 9 सालों की इन उपलब्धियों का सबसे बड़ा लाभ उत्तर प्रदेश के युवाओं को रोजगार के रूप में मिल रहा है, रक्षा और एयरोस्पेस सेक्टर में आ रहे निवेश से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियों के अवसर पैदा हुए हैं।
राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान का मुख्य इंजन बनाना है, जिससे आने वाले समय में भारत की सीमाओं की सुरक्षा में उत्तर प्रदेश में बने हथियारों और तकनीक का सबसे अहम योगदान होगा, योगी सरकार की यह दूरगामी नीतियां प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की ओर ले जाने में सहायक सिद्ध हो रही हैं।









