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सुलतानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर वायु सेना का भव्य युद्धाभ्यास जारी है, राफेल और सुखोई जैसे फाइटर जेट्स आज दो शिफ्ट में अपना दम दिखा रहे हैं, नाइट ऑपरेशन का भी होगा रिहर्सल।

उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले में स्थित पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की हवाई पट्टी आज भारतीय वायु सेना के अदम्य साहस और सामरिक कौशल की गवाह बन रही है, यहां भारतीय वायु सेना के सबसे घातक लड़ाकू विमानों का भव्य युद्धाभ्यास शुरू हो गया है।

इस अभ्यास के लिए कूरेभार स्थित 3.2 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी को पूरी तरह से वायु सेना ने अपने नियंत्रण में ले लिया है, सुरक्षा के लिहाज से एक्सप्रेसवे के इस हिस्से पर आम वाहनों की आवाजाही को रोककर रूट डायवर्ट किया गया है, यह अभ्यास न केवल वायु सेना की तैयारियों को परखने के लिए है बल्कि आपात स्थिति में एक्सप्रेसवे के रनवे के रूप में उपयोग की क्षमता को भी दर्शाता है।

​इस एयर शो में वायु सेना के बेड़े में शामिल राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000 और जगुआर जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन कर रहे हैं, फाइटर जेट्स द्वारा आसमान में किए जा रहे रोमांचक करतबों को देखकर लोग दांतों तले उंगली दबा रहे हैं।

युद्धाभ्यास के दौरान विमानों ने 'टच एंड गो' ऑपरेशन को अंजाम दिया, जिसमें विमान रनवे को छूते ही फिर से आसमान की ऊंचाइयों में ओझल हो गए, इसके साथ ही परिवहन विमान सी-130जे सुपर हरक्यूलिस ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए वायु सेना की लॉजिस्टिक ताकत का अहसास कराया।

​वायु सेना के इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य युद्ध जैसी आपातकालीन स्थितियों में एक्सप्रेसवे पर सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ की प्रक्रिया को पुख्ता करना है, अभ्यास के दौरान फाइटर जेट्स ने अत्यंत कम ऊंचाई पर उड़ान भरी और आपातकालीन लैंडिंग की बारीकियों का बारीकी से अभ्यास किया, वायु सेना के अधिकारी और टेक्निकल टीमें ग्राउंड पर मौजूद रहकर हर एक मूवमेंट की निगरानी कर रही हैं।

इस रिहर्सल से यह सिद्ध हो गया है कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे केवल सफर के लिए ही नहीं बल्कि जरूरत पड़ने पर देश की सीमाओं की सुरक्षा में भी एक अहम भूमिका निभा सकता है।

​सुलतानपुर में हो रहे ये एयर शो आज दो अलग-अलग शिफ्ट में आयोजित किया जा रहा है, पहली शिफ्ट दोपहर 2 बजे से शुरू होकर शाम 5 बजे तक चलेगी जिसमें दिन की रोशनी में विमानों की दृश्यता और लैंडिंग का अभ्यास होगा, वहीं दूसरी शिफ्ट शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक निर्धारित की गई है जो बेहद खास होने वाली है।

रात के अंधेरे में विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ का यह रिहर्सल वायु सेना की 'नाइट ऑपरेशन' क्षमता को दुनिया के सामने प्रदर्शित करेगा, शाम के समय फाइटर जेट्स की आफ्टरबर्नर की आग और उनकी आवाज पूरे इलाके में रोमांच पैदा कर रही है।

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