लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने आगामी रबी विपणन सत्र 2026-27 के लिए किसानों के हित में बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 160 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है।
अब प्रदेश के किसानों को उनकी मेहनत का फल 2585 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से मिलेगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाए और भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में सुनिश्चित किया जाए।
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— Government of UP (@UPGovt) March 23, 2026
अन्नदाताओं के लिए विशेष इंतजाम: 6500 केंद्रों पर होगी खरीदी
प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद का अभियान 30 मार्च 2026 से शुरू होकर 15 जून 2026 तक चलेगा। सरकार ने इस विशाल लक्ष्य को पूरा करने के लिए पूरे उत्तर प्रदेश के 75 जनपदों में 6500 क्रय केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए एफसीआई (FCI), मंडी परिषद, पीसीयू (PCU), नैफेड (NAFED) और एनसीसीएफ (NCCF) जैसी 8 प्रमुख एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य बिचौलियों के चंगुल से किसानों को बचाना और उन्हें फसल का उचित दाम दिलाना है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश: लखनऊ को अंतरराष्ट्रीय पहचान
राजधानी लखनऊ को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने के लिए सरकार ने 1435 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य 'इंटरनेशनल एक्जीविशन सेंटर' के निर्माण को स्वीकृति दी है। इस सेंटर में एक अत्याधुनिक कन्वेंशन हॉल बनाया जाएगा, जिसमें 10 हजार लोगों के बैठने की विशाल क्षमता होगी।
इसके साथ ही, संभल में 'इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक सेंटर' और ग्रेटर नोएडा में लॉजिस्टिक वेयरहाउस के लिए टेंडर को मंजूरी दी गई है। ये परियोजनाएं 'यूपी मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क नीति 2024' को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।
शहरी विकास: "नवयुग पालिका योजना" से स्मार्ट बनेंगे छोटे शहर
नगर विकास विभाग के एक क्रांतिकारी प्रस्ताव "नवयुग पालिका योजना" को कैबिनेट ने हरी झंडी दिखा दी है। इस योजना के तहत प्रदेश के 17 नगर निगमों को छोड़कर बाकी सभी 58 जिला मुख्यालयों की नगर पालिकाओं को 'स्मार्ट' बनाया जाएगा।
इसके लिए बजट में विशेष प्रावधान किया गया है, जिससे जिला मुख्यालय वाले शहरों की सड़कों, पार्कों, जल निकासी और लाइट व्यवस्था को अत्याधुनिक बनाया जा सकेगा। यह योजना शहरी बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण में मील का पत्थर साबित होगी।
ऊर्जा और सौर क्रांति: गोरखपुर बनेगा सोलर सिटी
योगी सरकार ने अयोध्या के बाद अब गोरखपुर को 'सोलर सिटी' के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया है। इसके तहत गोरखपुर के चिलुआताल में 20 मेगावाट क्षमता का 'फ्लोटिंग सोलर प्लांट' लगाया जाएगा।
यह प्रदेश का तीसरा ऐसा प्लांट होगा। साथ ही, ऊर्जा विभाग के अंतर्गत घाटमपुर पावर प्लांट के पछवारा कोल माइन (झारखंड) के विकास के लिए 2242.90 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी दी गई है। इस प्लांट की तीसरी यूनिट भी जल्द ही उत्पादन शुरू करने वाली है, जिससे प्रदेश की बिजली समस्या का स्थायी समाधान होगा।










