प्रतापगढ़: प्रतापगढ़ जिले के मानधाता थाना क्षेत्र के मिश्रपुर मुस्तरका गांव के पूर्व प्रधान गुलहसन उर्फ मुन्ना की हत्या महज एक हादसा नहीं, बल्कि कई दिनों से बुनी जा रही एक सोची-समझी साजिश का परिणाम थी।
गुलहसन पिछले 4 दिनों से लापता थे, और उनके परिजनों ने अनहोनी की आशंका जताते हुए गुमशुदगी दर्ज कराई थी। रविवार सुबह जब सुमेरपुर के पास शारदा नहर में एक संदिग्ध बोरी तैरती मिली, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
पुलिस की मौजूदगी में जब बोरी खोली गई, तो उसके अंदर गुलहसन का क्षत-विक्षत शव मिला, जिसे पत्थरों और लोहे के भारी सामान के साथ बांधा गया था ताकि वह पानी में डूब जाए।
अवैध संबंधों का खूनी अंजाम: क्यों बनी प्रेमिका ही दुश्मन?
पुलिस की पूछताछ में मुख्य आरोपी सुमन ने जो खुलासे किए, वे चौंकाने वाले हैं। सुमन ने बताया कि उसका गुलहसन के साथ काफी समय से प्रेम संबंध था, लेकिन धीरे-धीरे यह रिश्ता उसके लिए जी का जंजाल बन गया।
सुमन का दावा है कि गुलहसन उसे लगातार ब्लैकमेल कर रहा था और उसकी निजी तस्वीरों या बातों के दम पर उस पर मिलने का अनुचित दबाव बना रहा था। सुमन के मुताबिक, उसने कई बार पीछा छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन जब गुलहसन ने उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने की धमकी दी, तो उसने अपने भाई अतुल और उसके दोस्त अरुण को इस पूरे मामले में शामिल किया और गुलहसन को रास्ते से हटाने का फैसला किया।
हत्या की रात: जेठवारा के बगियापुर में दी गई वारदात को अंजाम
18 मार्च की रात गुलहसन अपनी बाइक से सुमन से मिलने जेठवारा के बगियापुर पहुँचा था। उसे इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि वहां उसकी मौत उसका इंतजार कर रही है। जैसे ही वह सुमन के घर पहुंचा, सुमन के भाई और उसके दोस्त ने मिलकर लोहे की रॉड से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण गुलहसन की मौके पर ही मौत हो गई। साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से आरोपियों ने शव को उर्वरक की एक खाली बोरी में भरा, उसमें वजन के लिए पत्थर डाले और रात के अंधेरे में शारदा सहायक नहर में फेंक दिया। आरोपियों ने उसकी बाइक, चाबी और हेलमेट को मऊआइमा के पास सुनसान जगह पर फेंक दिया ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।
दो बीवियां, 18 बच्चे और अधूरा परिवार
गुलहसन का भरा-पूरा परिवार अब पूरी तरह बिखर गया है। मृतक की दो पत्नियां थीं- किस्मतुल निशा और अम्बिया बानो। इन दोनों से उनके कुल 18 बच्चे हैं। गाँव वालों का कहना है कि गुलहसन एक प्रभावशाली व्यक्ति थे और अपने परिवार की जरूरतों का पूरा ख्याल रखते थे।
हालांकि, उनकी 'बदनीयती' और प्रेम संबंधों ने उनके जीवन का दुखद अंत कर दिया। रविवार देर शाम जब उनका शव गाँव पहुँचा, तो पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया और भारी सुरक्षा के बीच उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उनके पीछे रोता-बिलखता 18 बच्चों का परिवार अब इंसाफ की गुहार लगा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई: फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी
एसपी पूर्वी शैलेंद्र लाल ने बताया कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस ने सुमन को हिरासत में लिया, जिसने कड़ाई से पूछताछ के बाद अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड और खून से सने कपड़े बरामद कर लिए हैं।
इस मामले में अतुल गौतम और अरुण गौतम फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि बहुत जल्द अन्य आरोपियों को भी सलाखों के पीछे पहुँचाया जाएगा।










