प्रयागराज: प्रयागराज जिले के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक कोल्ड स्टोरेज की बिल्डिंग अचानक तेज धमाके के साथ ढह गई। हादसा इतना भयानक था कि पूरी दो मंजिला इमारत मलबे के ढेर में तब्दील हो गई, जिससे वहां काम कर रहे लगभग 20 मजदूर मलबे के नीचे दब गए।
धमाके की आवाज सुनते ही आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस व प्रशासन को सूचना दी। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, यह धमाका कोल्ड स्टोरेज के अमोनिया गैस प्लांट या बॉयलर में खराबी के कारण होने की आशंका जताई जा रही है।
VIDEO | Prayagraj: Ammonia gas leak reported at a cold storage facility in Chandapur, Phaphamau... Rescue operations are underway. Further details awaited. pic.twitter.com/RJomQWXdmq
— Press Trust of India (@PTI_News) March 23, 2026
#WATCH | Prayagraj, Uttar Pradesh | A part of the cold storage facility in the Phaphamau area collapsed; rescue operations are underway. More details are awaited. pic.twitter.com/agvOBCN1lO
— ANI (@ANI) March 23, 2026
युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन: अब तक 17 सुरक्षित बाहर
हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुँच गईं। राहत और बचाव कार्य के लिए SDRF और NDRF की टीमों को भी तैनात किया गया है।
Prayagraj, Uttar Pradesh: A cold storage building collapsed in Phaphamau, Prayagraj, causing ammonia gas leakage and panic, with rescue teams, police, and SDRF working to save workers trapped under the debris. pic.twitter.com/GO6TkH1a2S
— IANS (@ians_india) March 23, 2026
Prayagraj, Uttar Pradesh: DM Manish Kumar Verma says, "A cold storage facility in Phaphamau received a report around 1:30–2:00 PM that some buildings had collapsed. As soon as the information was received, all officials reached the spot..." pic.twitter.com/TJSZnlNfA4
— IANS (@ians_india) March 23, 2026
Lucknow, Uttar Pradesh: On the collapse of a part of a cold storage facility in the Phaphamau area in Prayagraj, Minister Danish Azad Ansari says, "Rescue and relief operations are underway in connection with the incident in Prayagraj" pic.twitter.com/JW12ITuw6D
— IANS (@ians_india) March 23, 2026
रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज करने के लिए 7 जेसीबी मशीनों की मदद ली जा रही है, जो मलबे को हटाने का काम कर रही हैं। अब तक राहत कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद 17 मजदूरों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है।
हादसे में 4 मजदूरों की मौत की सूचना: बिहार के तीन श्रमिक शामिल
इस दर्दनाक हादसे में 4 मजदूरों की मौत हो गई है। हालांकि, जिला प्रशासन ने अभी आधिकारिक तौर पर मौतों की पुष्टि नहीं की है, लेकिन मृतकों के नाम सामने आने लगे हैं। मृतकों में पिलत चौधरी, मशींदर, ज्योतिष और जगदीश के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, इनमें से तीन मजदूर बिहार के रहने वाले थे, जबकि एक श्रमिक स्थानीय निवासी था। प्रशासन का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता मलबे में दबे शेष लोगों को बाहर निकालना है।
हादसे के कारणों की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश
कोल्ड स्टोरेज की बिल्डिंग गिरने के पीछे लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की बात भी सामने आ रही है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि धमाका इतना जोरदार था कि आसपास की इमारतों में भी कंपन महसूस किया गया।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने हादसे का संज्ञान लेते हुए घायलों के समुचित इलाज और पूरी घटना की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या कोल्ड स्टोरेज में क्षमता से अधिक भंडारण था या गैस लीकेज की वजह से यह विस्फोट हुआ।










