मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां दबंगों ने बस चालक के साथ मारपीट कर बस लूट ली। बाद में आरोपी बस को सतना जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत रेलवे साइडिंग के पास छोड़कर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही Satna पुलिस हरकत में आई और तत्काल नाकाबंदी कर बस को बरामद कर लिया। हालांकि आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे।
कोर्ट आदेश के बाद फिर कब्जे की कोशिश
पुलिस के अनुसार, बस मालिक संतोष तिवारी की नौ बसों का संचालन कथित रूप से रीवा निवासी दर्शन सिंह परिहार द्वारा गैरकानूनी तरीके से किया जा रहा था। मामला न्यायालय तक पहुंचा, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर तीन बसें संतोष तिवारी को सुपुर्द की जा चुकी हैं।
बताया जा रहा है कि बस क्रमांक MP-30-P-3555 भी उन्हीं बसों में शामिल थी, जिसे न्यायालय ने संतोष कुमार तिवारी को सौंपने का आदेश दिया था। इसी बस को दोबारा कब्जे में लेने की कोशिश की गई।
ऐसे हुई पूरी वारदात
पीड़ित चालक के मुताबिक, कोर्ट से सुपुर्द हुई बस की मरम्मत कराकर वह उसे लेकर जा रहा था। इसी दौरान एक दुकान पर हवा भरवाते समय आरोपियों ने अचानक हमला कर दिया। चालक के साथ जमकर मारपीट की गई और बस छीन ली गई। आरोप है कि हमलावरों ने चालक से करीब 50 हजार रुपये नकद और एक सोने की चेन भी लूट ली। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई।
पुलिस की घेराबंदी, बस बरामद
सूचना मिलते ही पुलिस ने संभावित मार्गों पर नाकाबंदी कर सर्च अभियान शुरू किया। बढ़ते दबाव को देख आरोपी बगहा रेलवे साइडिंग (सिविल लाइन थाना क्षेत्र) के पास बस छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने बस जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
आरोपियों की तलाश जारी
इस मामले में Rewa और सतना पुलिस मिलकर दर्शन सिंह परिहार और उनके करीब तीन दर्जन साथियों की तलाश में जुटी है। पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।









