मध्यप्रदेश। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने मध्यप्रदेश की लापता महिलाओं और बच्चियों से जुड़ा आंकड़ा विधानसभा में पेश किया। इसके अनुसार मध्यप्रदेश की 50,170 महिलाएं और बच्चियों का कोई सुराग नहीं है। कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया के सवाल के लिखित जवाब में सरकार ने यह आंकड़ा जारी किया।
मध्यप्रदेश गृह विभाग के अनुसार, साल 2020 से 28 जनवरी 2026 तक कुल 2,70,300 महिलाओं और बालिकाओं की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई। इनमें से लापता बालिकाओं की संख्या 63,793 है। पुलिस द्वारा लापता बालिकाओं और महिलाओं में से 1,58,523 को ढूंढ लिया गया लेकिन 50,170 का कोई सुराग नहीं मिला। इनमें से 2,186 बालिकाएं हैं। लापता महिलाओं और बच्चियों के साथ क्या हुआ वे कहां हैं, किस हाल में हैं इसकी कोई जानकारी नहीं है।
इस साल आए 4197 मामले
गौरतलब है कि, साल दर साल लापता महिलाओं और बच्चियों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। साल 2024 में जहां 50,798 मामले सामने आए थे वहीं 2025 में 54,897 मामले सामने आए। साल 2026 में 28 जनवरी तक ही 4197 मामले सामने आ चुके हैं।
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आंकड़े एक नजर में
कुल लापता महिलाएं - 2,06,507
कुल बरामद महिलाएं- 1,58,523
कोई सुराग नहीं - 47,984
लापता बालिकाएं- 63,793
बरामद बालिकाएं- 61,607
आज तक लापता - 2,186
कुल लापता महिलाएं और बालिकाएं - 50,170
विशेष मॉनिटरिंग की मांग
कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने आंकड़ों पर गंभीर चिंता जताते हुए विशेष मॉनिटरिंग की व्यवस्था किए जाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि, सरकार इस मसले पर असंवेदनशील है। अगर समय रहते उचित कदम उठाए गए होते तो स्थिति अच्छी होती।
एक ओर जहां आंकड़े चौंकाने वाले हैं वहीं दूसरी ओर महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया तथ्यों से अनजान हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, मीडिया द्वारा आंकड़ों से जुड़े सवाल किए गए तो उन्होंने कहा कि, वे नहीं जानती कि आंकड़े कहां से आए। जब बताया कि, आंकड़े विधानसभा में दिए गए हैं तो उन्होंने कहा कि, इस तरह के मामले सामने आते हैं तो सरकार कार्रवाई करती है।









