Logo
प्रदेश में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाने के लिए हैप्पीनेस एजुकेशन कोर्स शुरू किया गया है। कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों के लिए शुरू किए जाने वाले इस कोर्स में उनकी सोच को सकारात्मकता बनाने के उपायों पर फोकस किया गया है।

इंदौर। मध्य प्रदेश में स्कूली शिक्षा को केवल अकादमिक सीमाओं तक सीमित न रखकर अब उसे जीवन कौशल और मानसिक स्वास्थ्य से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य आनंद संस्थान ने कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों के लिए एक विशेष हैप्पीनेस एजुकेशन कोर्स तैयार किया है। इसे शुरुआती तौर पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा। इसके प्रभावों को जांचने के बाद इसे स्कूल शिक्षा के अंग के रूप में स्वीकार किया जाएगा। 

कोर्स में क्या होगा खास
इस पहल का उद्देश्य छात्रों को केवल परीक्षा और अंकों के दबाव से बाहर निकालकर उन्हें मानसिक रूप से संतुलित और आत्मविश्वासी बनाना है। इस नए पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ मानसिक और भावनात्मक विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसमें ध्यान (मेडिटेशन), माइंडफुलनेस, योग और श्वास तकनीकों का अभ्यास कराया जाएगा।

लाइफ स्किल्स पर फोकस
इसके अलावा, छात्रों को सकारात्मक सोच विकसित करने, भावनाओं को नियंत्रित करने, बेहतर संवाद स्थापित करने और रिश्तों को संभालने की कला सिखाई जाएगी। ग्रुप एक्टिविटी, ओपन डिस्कशन और डिजिटल डिटॉक्स जैसे सेशन भी इस कोर्स का हिस्सा होंगे, जिससे बच्चे तनाव और दबाव को बेहतर तरीके से संभाल सकें।

बढ़ते तनाव के बीच जरूरी पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि आज के दौर में छात्रों पर पढ़ाई और प्रतिस्पर्धा का दबाव काफी बढ़ गया है। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, इस कारण बच्चों में चिंता, तनाव और अवसाद जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे माहौल में स्कूल स्तर पर इस तरह का कोर्स बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इससे उनकी निर्णय लेने की क्षमता, आत्मविश्वास और भावनात्मक स्थिरता भी बेहतर होगी।

हैप्पीनेस इंडेक्स भी होगा तैयार
राज्य सरकार 2026-27 तक हैप्पीनेस इंडेक्स जारी करने की भी तैयारी कर रही है। यह सूचकांक कई मानकों पर आधारित होगा, जिसमें भावनात्मक स्थिति, सामाजिक संबंध, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, समय प्रबंधन और पर्यावरण जैसे पहलुओं को शामिल किया जाएगा। इस सर्वेक्षण को तकनीकी सहयोग के साथ प्रतिष्ठित संस्थान की निगरानी में पूरा किया जाएगा, ताकि परिणाम अधिक विश्वसनीय हों।

शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण
कोर्स को प्रभावी बनाने के लिए शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। उन्हें सिखाया गया है कि छात्रों के साथ कैसे संवाद स्थापित कर उनकी मानसिक स्थिति को समझ कर उन्हें सही दिशा दी जाए। मध्य प्रदेश की यह पहल शिक्षा प्रणाली में एक बड़े सकारात्मक बदलाव की नींव रखेगा। यह पहल अगर सफल होती है, तो इससे छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होगा और वे आसानी से जीवन की चुनौतियों का सामना कर पाएंगे। 

7