भोपाल। भोज मुक्त विश्वविद्यालय में की प्रबंध बोर्ड की अहम बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया गया। इस बजट में विश्वविद्यालय ने लगभग 69 करोड़ रुपए के घाटे का अनुमान जताया है। इस दौरान विश्वविद्यालय की संभावित आय करीब 122 करोड़ रुपए आंकी गई है, जबकि खर्च लगभग 191 करोड़ रुपए रहने का अनुमान जताया गया है। बैठक में डिजिटल वैल्यूएशन, प्रोफेसरों की भर्ती जैसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
डिजिटल वैल्यूएशन पर जोर
उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशों के बाद विश्वविद्यालय ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को डिजिटल माध्यम से कराने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इस प्रक्रिया को लागू करने के लिए बजट में करीब 2 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। प्रशासन अब इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा, जिससे मूल्यांकन कार्य अधिक पारदर्शी और तेज हो सके। डिजिटल सिस्टम लागू होने के बाद परीक्षा परिणाम समय पर जारी करने में भी मदद मिलेगी।
50 प्रोफेसरों की भर्ती की तैयारी
बैठक में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए बड़ा निर्णय लिया गया। विश्वविद्यालय में खाली पड़े लगभग 50 प्रोफेसर पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए पहले आरक्षण रोस्टर तैयार किया जाएगा, जिसे शासन को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा। साथ ही, कुछ विषयों के पदों का पुनर्संयोजन कर उन्हें अन्य विषयों में समायोजित करने की योजना भी बनाई गई है।
प्रतिनियुक्ति से चल रहा काम
फिलहाल शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए अन्य कॉलेजों से प्रतिनियुक्ति पर प्रोफेसरों को बुलाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, कुछ शिक्षकों और लाइब्रेरियन को अन्य संस्थानों से अस्थायी रूप से यहां पदस्थ किया गया है, ताकि शैक्षणिक कार्य प्रभावित न हो। बैठक की एक खास बात यह रही कि विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार दो कुलगुरु एक साथ शामिल हुए।
बैठक में पहली बार दो कुलगुरु
नियमित कुलगुरु ने स्वास्थ्य कारणों से ऑनलाइन बैठक में भाग लिया, जबकि कार्यभार प्रभारी कुलगुरु संभाल रहे थे। भोज विश्वविद्यालय का यह बजट जहां वित्तीय चुनौतियों की ओर इशारा करता है, वहीं डिजिटल सुधार और नई भर्तियों के जरिए शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश भी दिखाता है। आने वाले समय में इन फैसलों का असर विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली और छात्रों की सुविधाओं पर साफ नजर आएगा।









