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इंदौर में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई में PWD के तीन इंजीनियर रिश्वत लेते पकड़े गए। ठेकेदार से बिल पास कराने के बदले मांगे थे लाखों रुपए, जानें पूरा मामला।

इंदौर। लोकायुक्त की टीम ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के तीन अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। पकड़े गए अधिकारियों में कार्यपालन यंत्री जयदेव गौतम, अनुविभागीय अधिकारी टीके जैन और उपयंत्री अंशु दुबे शामिल हैं। लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से उन्हें ट्रैप किया। इन अधिकारियों ने एक ठेकेदार से बिल पास कराने के बदले में रिश्वत मांगी थी। इस मामले ने सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार को एक बार फिर उजागर किया है।

कैसे पकड़े गए अधिकारी 
लोकायुक्त टीम ने जयदेव गौतम को उनके सरकारी निवास से पकड़ा। वे वहां 1.50 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़े गए। दूसरे आरोपी टीके जैन को ऑफिस परिसर में 1 लाख रुपए लेते हुए गिरफ्तार किया गया। तीसरे आरोपी अंशु दुबे ने भी पैसे की मांग की थी, लेकिन राशि नहीं ली। कुल मिलाकर टीम ने 2.50 लाख रुपए की नकद राशि जब्त की है। पूरी कार्रवाई पहले से तय योजना के अनुसार की गई थी। इस ऑपरेशन के दौरान लोकायुक्त की टीम में कई अधिकारी शामिल हुए।  

शिकायत पर की गई कार्रवाई 
यह कार्रवाई सरकारी ठेकेदार की शिकायत से हुई। धार निवासी राजपाल सिंह पंवार ने लोकायुक्त से संपर्क किया था। उनकी फर्म ने वर्ष 2023 में सड़क निर्माण का काम लिया था। करीब 4.73 करोड़ के प्रोजेक्ट को 4.51 करोड़ में पूरा किया गया। अंतिम भुगतान के लिए अधिकारियों ने 3.50 लाख रुपए की मांग की। शिकायत की जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई।

तीनों के खिलाफ केस दर्ज 
तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। साथ ही भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में भी मामला दर्ज हुआ है। लोकायुक्त की टीम अब आगे की जांच में जुटी हुई है। इस कार्रवाई का नेतृत्व वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में किया गया। टीम में टीआई और अन्य अधिकारियों ने मिलकर ऑपरेशन को अंजाम दिया। जांच में अन्य संभावित पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है। इस घटना ने सरकारी तंत्र में पारदर्शिता की जरूरत को फिर सामने रखा है।

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