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Kedarnath Dham 2026 में 181 दिन बाद बाबा केदार के कपाट खुले। बर्फ और कड़ाके की ठंड के बीच श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा, 51 क्विंटल फूलों से सजा मंदिर बना आस्था का भव्य केंद्र।

उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित पवित्र केदारनाथ धाम के कपाट आज पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। करीब 181 दिनों के शीतकालीन प्रवास के बाद बाबा केदार की डोली अपने मूल धाम पहुंची, जहां तड़के सुबह मुख्य पुजारी द्वारा कपाट खोलने की पावन प्रक्रिया संपन्न हुई। इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु धाम में मौजूद रहे।

इस बार केदारनाथ मंदिर की भव्यता देखते ही बन रही है। मंदिर को करीब 51 क्विंटल रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया है, जिसने पूरे धाम को दिव्यता और आस्था के रंग में रंग दिया है। बर्फ से ढके पहाड़ों के बीच सजे मंदिर का दृश्य श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर रहा है।

कपाट खुलते ही पूरा केदारनाथ धाम ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय बाबा केदार’ के जयकारों से गूंज उठा। कड़ाके की ठंड और ऊंचाई पर मौजूद कठिन परिस्थितियों के बावजूद भक्तों का उत्साह चरम पर नजर आया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु रात से ही लाइन में लगकर इस पावन क्षण का इंतजार कर रहे थे।

उत्तराखंड की परंपरा के अनुसार कपाट खुलने के बाद मंदिर के भीतर पहली पूजा देश के प्रधानमंत्री के नाम से संपन्न की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं धाम पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से देश की सुख-समृद्धि और लोककल्याण की कामना के साथ पूजा-अर्चना कराई।

केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा ने पूरी रफ्तार पकड़ ली है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम पहले ही श्रद्धालुओं के लिए खुल चुके हैं, जबकि अब बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने का इंतजार है।

यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। केदारनाथ पैदल मार्ग पर सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, रुकने और भोजन की व्यवस्था को मजबूत किया गया है। साथ ही घोड़े-खच्चर और हेलीकॉप्टर सेवाओं की भी लगातार निगरानी की जा रही है।

मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए श्रद्धालुओं को सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। इस बार रिकॉर्ड तोड़ रजिस्ट्रेशन को देखते हुए माना जा रहा है कि केदारनाथ यात्रा पिछले सभी वर्षों के आंकड़े पीछे छोड़ सकती है।

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