Uttarakhand cabinet expansion 2026: उत्तराखंड में लंबे समय से चल रहा मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार आज खत्म हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को अपनी कैबिनेट का विस्तार करते हुए 5 नए चेहरों को शामिल किया है। राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल ने सभी नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इन 5 दिग्गजों ने ली मंत्री पद की शपथ
उत्तराखंड में धामी मंत्रिमंडल के इस महत्वपूर्ण विस्तार में क्षेत्रीय और सांगठनिक अनुभव को खास तरजीह दी गई है। राजभवन में आयोजित भव्य समारोह में कुल 5 दिग्गज विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली, जिनमें देहरादून के कद्दावर नेता और अनुभवी विधायक खजान दास का नाम प्रमुख है। उनके साथ ही हरिद्वार के पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ नेता मदन कौशिक ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली, जिससे सरकार में हरिद्वार क्षेत्र का प्रतिनिधित्व मजबूत हुआ है।
रुद्रप्रयाग से विधायक भरत चौधरी और रुड़की से प्रदीप बत्रा को भी इस कैबिनेट विस्तार में जगह मिली है, जो गढ़वाल मंडल में विकास कार्यों को गति देंगे। वहीं, नैनीताल (भीमताल) के विधायक राम सिंह कैड़ा ने भी मंत्री के रूप में शपथ लेकर कुमाऊं क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन सभी नए मंत्रियों को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि ये अनुभवी नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' और 'विकसित उत्तराखंड' के विजन को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
सीएम धामी बोले- पीएम मोदी के 'विकसित भारत' के विजन को बढ़ाएंगे आगे
शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी नए मंत्रियों को बधाई दी। उन्होंने कहा, "मैं उन सभी सम्मानित व्यक्तियों को बधाई देता हूं जिन्हें आज मंत्रिपरिषद की जिम्मेदारी दी गई है। ये सभी लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में सक्रिय रहे हैं। इनके साथ मिलकर हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के विजन को पूरा करेंगे।"
कैबिनेट का गणित और खाली पद
संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, उत्तराखंड कैबिनेट में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 12 मंत्री हो सकते हैं। 2022 में सरकार बनने के समय 8 मंत्रियों ने शपथ ली थी, लेकिन परिवहन मंत्री चंदन रामदास के निधन और प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद कैबिनेट की संख्या घटकर 7 रह गई थी। आज के विस्तार के बाद अब धामी मंत्रिमंडल अपनी पूरी क्षमता (12 सदस्य) के साथ काम करेगा।
शपथ ग्रहण से पहले मुख्यमंत्री ने सभी पांचों विधायकों से मुलाकात की थी। इस विस्तार से आगामी निकाय चुनाव और सांगठनिक मजबूती को लेकर भाजपा की रणनीति साफ नजर आ रही है।










