West Asia Conflict: पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष और अस्थिरता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कतर, फ्रांस, जॉर्डन, ओमान और मलेशिया के शीर्ष नेताओं से टेलीफोन पर बातचीत की। इस दौरान पीएम मोदी ने क्षेत्र में बिगड़ते सुरक्षा हालातों पर गहरी चिंता जताई और ऊर्जा बुनियादी ढांचे (Energy Infrastructure) पर हो रहे हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की।
ऊर्जा ठिकानों पर हमले चिंताजनक: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने इन वैश्विक नेताओं के साथ बातचीत में स्पष्ट किया कि ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना न केवल निंदनीय है, बल्कि इससे तनाव और अधिक बढ़ सकता है जिसे टाला जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए संवाद (Dialogue) और कूटनीति (Diplomacy) का रास्ता ही सबसे महत्वपूर्ण है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा पर जोर
कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी के साथ बातचीत में पीएम मोदी ने उन्हें ईद की शुभकामनाएं दीं और भारतीय समुदाय की देखभाल के लिए आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही, पीएम मोदी ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के माध्यम से जहाजों के सुरक्षित और मुक्त आवागमन (Safe and Free Navigation) की आवश्यकता को रेखांकित किया, जो वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए जीवन रेखा मानी जाती है।
जॉर्डन और ओमान के साथ साझा चिंताएं
जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय को पीएम मोदी ने अपना 'भाई' बताते हुए ईद की अग्रिम बधाई दी। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की उभरती स्थिति पर चिंता जताई। पीएम मोदी ने जॉर्डन द्वारा संकट में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी में की गई मदद की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत और जॉर्डन दोनों ही वस्तुओं और ऊर्जा के निर्बाध पारगमन (Unhindered Transit) के समर्थन में खड़े हैं।
शांति बहाली के लिए भारत की पहल
प्रधानमंत्री मोदी इस सैन्य संघर्ष की शुरुआत से अब तक पश्चिम एशिया के कई प्रमुख नेताओं से संवाद कर चुके हैं। भारत का रुख शुरू से ही संतुलित रहा है, जहाँ वह आतंकवाद और हमलों का विरोध करता है, वहीं बातचीत के जरिए क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति, सुरक्षा और स्थिरता की बहाली की वकालत करता है।









