12:11 PM(12 minutes ago )
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज मंगलवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें देश की सुरक्षा और सैन्य तैयारियों की व्यापक समीक्षा की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में सीडीएस (CDS) जनरल अनिल चौहान, तीनों सेना प्रमुख- जनरल उपेन्द्र द्विवेदी, एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह, एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी और डीआरडीओ (DRDO) के अध्यक्ष समीर कामत भी शामिल रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य वैश्विक सुरक्षा चिंताओं और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में पैदा हुई चुनौतियों के बीच भारत के रक्षा हितों और राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।
11:53 AM(30 minutes ago )
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि बेरूत के दक्षिण में स्थित बशामौन शहर पर इजरायली हमले में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "एले जिले के बशामौन शहर पर इजरायली दुश्मन के हमले के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, दो नागरिकों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए।"
10:20 AM(2 hours ago )
ईरान के खुज़ेस्तान प्रांत के अंदिमेश्क शहर में इमाम अली अस्पताल को हमले में हुए नुकसान के बाद पूरी तरह खाली करा लिया गया है और अब यह बंद कर दिया गया है।ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि अस्पताल को हमले का निशाना बनाया गया था, जिसके बाद सुरक्षा और मरम्मत की वजह से मरीजों को अन्य जगहों पर शिफ्ट कर दिया गया।
शुरुआती रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यह हमला अमेरिका-इजरायल की ओर से किया गया, हालांकि अभी तक इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इससे पहले खुज़ेस्तान प्रांत के कई अस्पतालों में भी हमलों से इमारती ढांचे को नुकसान पहुंचने की खबरें आई थीं।
यह घटना ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच नागरिक सुविधाओं पर हो रहे हमलों की नई कड़ी है, जिससे क्षेत्र में चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ रहा है।
10:17 AM(2 hours ago )
ईरान में इमाम अली अस्पताल को खाली कराए जाने की ताज़ा घटना ने युद्ध के बीच नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस कदम से साफ संकेत मिलते हैं कि मौजूदा संघर्ष अब सैन्य ठिकानों से आगे बढ़कर आम नागरिक सुविधाओं को भी प्रभावित कर रहा है।
इससे पहले भी कई रिपोर्ट्स सामने आ चुकी हैं, जिनमें ईरान के अलग-अलग हिस्सों में अस्पतालों को नुकसान पहुंचने या सुरक्षा कारणों से बंद करने की बात कही गई है। कुछ मामलों में अस्पताल सीधे हमलों की चपेट में आए, जबकि कई जगह आसपास की सैन्य गतिविधियों के कारण सेवाएं बाधित हुईं।
मानवीय सहायता संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा सकती हैं, जिससे आम नागरिकों की जान जोखिम में पड़ सकती है। युद्ध के इस दौर में चिकित्सा सुविधाओं पर बढ़ता खतरा मानवीय संकट को और गहरा कर सकता है।
10:15 AM(2 hours ago )
मध्य पूर्व में जारी अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध का असर अब वैश्विक हवाई यात्रा पर साफ दिखने लगा है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि दुबई, दोहा और अबू धाबी जैसे बड़े एयर हब प्रभावित हो गए हैं, जिससे हजारों यात्री अलग-अलग देशों में फंस गए हैं।
दुनिया की कई प्रमुख एयरलाइंस ने सुरक्षा कारणों से अपनी उड़ानें या तो रद्द कर दी हैं या लंबे समय के लिए स्थगित कर दी हैं। Aegean Airlines, Air France, KLM, Delta, Lufthansa और British Airways जैसी एयरलाइंस ने तेल अवीव, बेरूत, दुबई, रियाद और अम्मान जैसे संवेदनशील रूट्स पर उड़ानें रोक दी हैं।
भारत की एयरलाइन IndiGo ने भी दोहा, कुवैत, बहरीन, दम्मम, शारजाह और फुजैरा के लिए अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। वहीं Emirates, Etihad और Qatar Airways सीमित और बदले हुए शेड्यूल के साथ ही उड़ानें चला रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव और हवाई क्षेत्र पर खतरे के कारण यह स्थिति जल्द सामान्य होती नहीं दिख रही। कई एयरलाइंस ने मई से लेकर अक्टूबर तक के लिए उड़ानें रद्द या टाल दी हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल प्लानिंग पर बड़ा असर पड़ा है।
10:11 AM(2 hours ago )
ईरान ने साफ कहा है कि मौजूदा संघर्ष में वह किसी भी हालत में पीछे नहीं हटेगा। जब तक उसे हुए नुकसान की पूरी भरपाई नहीं हो जाती, तब तक लड़ाई जारी रहेगी।
ईरानी सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार मोहसिन रजेई ने टीवी पर दिए बयान में कहा कि ईरान की शर्तें बहुत स्पष्ट हैं- सभी आर्थिक प्रतिबंध तुरंत हटाए जाएं और अमेरिका भविष्य में ईरान के अंदरूनी मामलों में किसी भी तरह की दखलंदाजी न करने की ठोस गारंटी दे।
रजेई ने जोर देकर कहा कि ईरानी सेना पूरी ताकत के साथ ऑपरेशन चला रही है और देश का नेतृत्व नए सुप्रीम लीडर के तहत मजबूती से स्थिति संभाल रहा है।
इससे पहले ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ भी कह चुके हैं कि ईरानी जनता हमलावरों को पूरी सजा देने की मांग कर रही है और देश इस लड़ाई में डटकर खड़ा रहेगा।ईरान का यह सख्त रुख अमेरिका-इजरायल के साथ चल रहे युद्ध के बीच आया है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।