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छत्तीसगढ़ में IAS और IPS अधिकारियों की भारी कमी है। 29 IAS और 19 IPS पद खाली हैं, जबकि कई अफसर एक साथ कई विभाग संभाल रहे हैं। जानें पूरी स्थिति।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक व्यवस्था पर अफसरों की कमी का असर अब साफ तौर पर दिखने लगा है। राज्य में 29 IAS और 19 IPS पद खाली हैं, जबकि कई अधिकारियों को एक साथ कई विभागों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। इससे शासन के कामकाज की गति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

29 IAS और 19 IPS पद खाली, क्या है पूरी स्थिति
राज्य में प्रशासनिक ढांचे पर अफसरों की कमी लगातार बनी हुई है। वर्तमान में 29 IAS और 19 IPS के पद रिक्त हैं, जिससे कई महत्वपूर्ण विभागों में कामकाज प्रभावित हो रहा है। कई जगहों पर पद लंबे समय से खाली हैं, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है।

केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से बढ़ी समस्या
छत्तीसगढ़ कैडर के 21 वरिष्ठ IAS अधिकारी वर्तमान में केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं। ये अधिकारी नीति निर्माण, निवेश और प्रशासनिक कार्यों में अहम भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि, राज्य में उनकी अनुपस्थिति के कारण मंत्रालय और जिलों में अफसरों की उपलब्धता और कम हो गई है।

एक अफसर संभाल रहा कई विभाग
अफसरों की कमी के चलते कई वरिष्ठ अधिकारियों को एक साथ दो या उससे अधिक विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। इससे प्रशासनिक फैसलों में देरी होने की संभावना बढ़ जाती है और काम का दबाव भी बढ़ता है।

चुनाव ड्यूटी से और बढ़ेगा दबाव
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के लिए छत्तीसगढ़ से 30 अधिकारियों को पर्यवेक्षक के रूप में भेजा जा रहा है। इनमें 25 IAS और 5 IPS अधिकारी शामिल हैं। करीब एक महीने तक इन अधिकारियों की अनुपस्थिति से राज्य में प्रशासनिक दबाव और बढ़ सकता है।

कुल पद और मौजूदा स्थिति क्या है
राज्य में IAS के कुल 202 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से केवल 173 अधिकारी ही कार्यरत हैं। वहीं IPS के 153 पदों के मुकाबले 134 अधिकारी तैनात हैं। ऐसे में साफ है कि प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने के लिए अधिकारियों की संख्या बढ़ाना जरूरी हो गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द ही रिक्त पदों को नहीं भरा गया, तो आने वाले समय में प्रशासनिक कार्यों पर इसका और बड़ा असर पड़ सकता है।

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