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इंदौर नगर निगम ने लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की है। तीन कर्मचारियों को सेवा से हटा दिया गया, जबकि एक स्थायी कर्मचारी को सस्पेंड किया गया है। जानिए क्या है पूरा मामला।

इंदौर। नगर निगम ने काम में लापरवाही और गैरहाजिरी को लेकर बड़ा कदम उठाया है। राजस्व वसूली जैसे अहम काम में ढिलाई बरतने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए निगम ने तीन कर्मचारियों की सेवाएं खत्म कर दी हैं, जबकि एक स्थायी कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया गया है। नगर निगम ने कहा है कि कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से निगम के लक्ष्य प्रभावित हो रहे हैं। इस स्थिति को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।      

बिना सूचना गायब थे चौहान व तोमर
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, जोन 9 के वार्ड 26 में तैनात दिनेश चौहान पिछले 20 दिनों से बिना किसी सूचना के ड्यूटी से गायब थे। इसी तरह तरुण तोमर, जो मस्टर रिकवरी असिस्टेंट के तौर पर काम कर रहे थे, उनके काम में भी गंभीर लापरवाही सामने आई। राजस्व वसूली जैसे महत्वपूर्ण कार्य में ढिलाई को देखते हुए निगम ने दोनों को सेवा से हटा दिया और उनका नाम उपस्थिति रजिस्टर से भी हटा दिया गया।

फरवरी से नहीं आ रहे थे अभिषेक सरवन
एक अन्य मामले में, जोन 1 के वार्ड 10 में पदस्थ अभिषेक सरवन भी लंबे समय से अपनी ड्यूटी पर नहीं आ रहे थे। जानकारी के अनुसार, वे 9 फरवरी से लगातार अनुपस्थित थे और उन्होंने बिना अनुमति के काम से दूरी बना ली थी। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए निगम ने उनकी सेवाएं भी समाप्त कर दीं। जलकर विभाग में कार्यरत स्थायी कर्मचारी निलेश पाल को सस्पेंड कर दिया है। वह जलकर वसूली का काम संभाल रहे थे। 

लंबे समय से ड्यूटी से गायब थे पाल
निलेश पाल जनवरी 2024 से ही ड्यूटी पर नहीं आ रहे थे। विभाग की ओर से उन्हें कई बार नोटिस भेजे गए, लेकिन उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। लगातार गैरहाजिरी रहने और जवाब न देने की वजह से निगम ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है। अधिकारियों ने कहा कि जब तक जिम्मेदार कर्मचारी अपने कर्तव्यों को गंभीरता से नहीं निभाएंगे, तब तक राजस्व वसूली और अन्य जरूरी काम प्रभावित होते रहेंगे। इसलिए ऐसे मामलों में तुरंत और कड़ी कार्रवाई जरूरी है।

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