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इंदौर में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण पूरा हो चुका है और मार्च से कर्मचारियों की ट्रेनिंग शुरू होगी। मई में हाउस लिस्टिंग चरण के तहत भवनों और मकानों की गणना की जाएगी।

इंदौर। जनगणना को लेकर इंदौर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पहले चरण के लिए वरिष्ठ अधिकारियों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। यह प्रशिक्षण कलेक्टोरेट भवन के ऑडिटोरियम  में आयोजित किया गया, जिसमें जनगणना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को विस्तार से जनगणना से जुड़ा मार्गदर्शन दिया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य जनगणना को व्यवस्थित, पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से पूरा करना है।

अफसरों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण पूरा
अतिरिक्त कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी निशा डामोर की उपस्थिति में प्रशिक्षण का समापन हुआ। प्रशिक्षण में मध्यप्रदेश शासन के जनगणना संचालनालय के संयुक्त संचालक विनीत यादव, सहायक संचालक सुमित बडोले, अतिरिक्त आयुक्त एवं नगर जनगणना अधिकारी नरेंद्रनाथ पांडे, जिला योजना अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी माधव बेंडे सहित नगर निगम इंदौर के अधिकारी, जोनल अधिकारी और उनके सहायक जनगणना लिपिक शामिल हुए।

मई माह से शुरू होगा पहला चरण
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि भारत की आगामी जनगणना 2027 के अंतर्गत प्रारंभिक चरण में भवनों और मकानों की गणना की जाएगी। यह पहला चरण 1 मई से 31 मई तक चलेगा। इस अवधि में हाउस लिस्टिंग का कार्य किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक भवन और आवासीय इकाई का विवरण दर्ज किया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया से पहले सभी प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति मार्च और अप्रैल में पूरी कर ली जाएगी। साथ ही उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा ताकि वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सही तरीके से जानकारी एकत्र कर सकें।

सटीकता और डिजिटल मॉड्यूल पर जोर
प्रशिक्षण कार्यशाला में जनगणना की पूरी प्रक्रिया, प्रपत्रों के संधारण, डिजिटल मॉड्यूल में डाटा की शुद्धता तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि डाटा संग्रहण में किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो, क्योंकि जनगणना के आंकड़े भविष्य की नीतियों और योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अतिरिक्त कलेक्टर निशा डामोर ने जनगणना के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि विकास की आधारशिला है। सही और सटीक जानकारी से ही शासन विभिन्न क्षेत्रों में योजनाएं तैयार कर सकता है। 

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