रायपुर। स्लीपर कोच में यात्रा करने वाले यात्रियों को अब घर से चादर और कंबल लेकर सफर करने की जरूरत नहीं होगी। रेलवे प्रशासन अब एसी कोच की तर्ज पर स्लीपर में भी बेडरोल की सुविधा शुरू करने जा रहा है। इसे लेकर रायपुर मंडल ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं और उम्मीद है कि इसी हफ्ते से यह सुविधा यात्रियों के लिए शुरू हो जाएगी। खास बात यह है कि स्लीपर कोच में दिए जाने वाले चादर, तकिया और कंबल बेहद अच्छी गुणवत्ता के होंगे। इनका रंग थर्ड एसी में मिलने वाले बेडरोल से अलग रखा गया है, ताकि चोरी होने या दोनों कोच के बेडरोल आपस में मिलने की आशंका न रहे।
रेलवे ने इस सुविधा का संचालन करने के लिए एक एजेंसी के साथ 4 से 6 लाख रुपये में अनुबंध किया है। हरिभूमि की टीम ने रेलवे की इस नई सुविधा और तैयारियों का जायजा भी लिया। बता दें कि शुरुआती चरण में यह सुविधा रायपुर मंडल की दो प्रमुख ट्रेनों संपर्क क्रांति और अमरकंटक एक्सप्रेस में शुरू की जा रही है। रेलवे प्रशासन ने तय किया है कि एजेंसी को कोच के अंदर बेडरोल रखने के लिए दो सीटें आवंटित की जाएंगी और इना दोनों सीटों का खर्च एजेंसी ही वहन करेगी। एजेंसी ने इसके लिए कोच क्रमांक एस-4 या 3 की डिमांड की है।
इस हफ्ते शुरू कर सकते हैं
रायपुर डीसीएम सीनियर अवधेश कुमार त्रिवेदी बताया कि, स्लीपर कोच में बेडरोल के लिए कंपनी से अनुबंध हो चुका है। सबसे पहले दुर्ग-अंबिकापुर और संपर्क क्रांति में लागू किया गया है। तैयारी पूरी है। हम इस हफ्ते यह सुविधा यात्रियों के लिए शुरू कर सकते हैं।
सीटों को लेकर आ रही। तकनीकी समस्या
हालांकि, कोच में बेडरोल रखने को लेकर फिलहाल एक तकनीकी समस्या बनी हुई है। रायपुर से ट्रेन के प्रस्थान के समय तो एजेंसी को बेडरोल रखने के लिए आसानी से दो सीटें मिल जा रही हैं, लेकिन वापसी के दौरान दिल्ली से संपर्क क्रांति और भोपाल से अमरकंटक के लौटते समय बेडरोल के लिए आरक्षित सीटें मिलने में दिक्कत आ रही है। रेलवे प्रशासन इस समस्या का समाधान करने में जुटा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि इसी हफ्ते इस तकनीकी समस्या को सुलझा लिया जाएगा और यात्रियों के लिए यह सुविधाजनक सेवा विधिवत शुरू कर दी जाएगी । इस सुविधा से स्लीपर कोच से दो सीट कम हो जाएगी, लेकिन बेडरोल की सुविधा आसान हो जाएगी।
मंडल के एक्सप्रेस ट्रेनों में लागू होगी सुविधा
रेलवे प्रशासन मंडल की ट्रेनों में इस सुविधा को लागू करेगा। पहले दो ट्रेनों में शुरू करने के बाद इसे 10 अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों में इसे लागू किया जाएगा। इसमें दुर्ग-निजामुद्दीन संपर्क क्रांति, दुर्ग-उधमपुर, निजामुद्दीन-दुर्ग, उधमपुर-दुर्ग, दुर्ग- उधमपुर, दुर्ग-अजमेर, अजमेर- दुर्ग, दुर्ग-अजमेर, अजमेर-दुर्ग, दुर्ग-भोपाल अमरकंटक, भोपाल-दुर्ग अमरकंटक, दुर्ग नौतनवा, नौतनवा-दुर्ग, दुर्ग-बेतवा, बेतवा-दुर्ग एक्सप्रेस, दुर्ग-नौतनवा, एक्सप्रेस, नौतनवा-दुर्ग एक्सप्रेस, दुर्ग-अंबिकापुर, अंबिकापुर-दुर्ग एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं। इस नई सुविधा से स्लीपर कोच में लंबी दूरी तक सफर करने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी। बेडरोल देने से पहले एजेंसी यात्री का पीएनआर और बर्थ क्रमांक नोट करेगी, उसके बाद बेडरोल देगी। बेडरोल रखने के लिए रेलवे, ठेका एजेंसी को प्रत्येक ट्रेन में दो बर्थ देगा।
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