Logo
भोपाल नगर निगम ने राजस्व वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाया है। टैक्स नहीं चुकाने वाले मैरिज गार्डन, होटल और बैंक्वेट हॉल पर ताला लगाया जाएगा। वहीं शिकायतें लंबित रखने वाले अधिकारियों के वेतन में कटौती की चेतावनी दी गई है। जानें क्या है पूरा मामला-

भोपाल। नगर निगम की आयुक्त संस्कृति जैन ने मार्च माह को ध्यान में रखते हुए राजस्व वसूली और प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। टाइम लिमिट बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि टैक्स वसूली में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विशेष रूप से मैरिज गार्डन, शादी हॉल, होटल और बैंक्वेट हॉल संचालकों से सभी बकाया करों की वसूली सुनिश्चित की जाए। यदि कोई संचालक समय पर टैक्स जमा नहीं करता है, तो उसके प्रतिष्ठान पर ताला लगाने की कार्रवाई की जाए। 

कुर्की वाली संपत्तियों की नीलामी के निर्देश
नगर निगम अब राजस्व संग्रह को लेकर सख्त रुख अपनाता दिखेगा और बकायादारों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। निगम आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि जिन संपत्तियों पर पहले से कुर्की की कार्रवाई की जा चुकी है, उन्हें आगे बढ़ाकर नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जाए। कुर्की का मतलब है कि बकाया कर न चुकाने की स्थिति में संपत्ति को जब्त कर लिया जाता है। यदि इसके बाद भी भुगतान नहीं होता, तो नीलामी के माध्यम से उस संपत्ति को बेचकर निगम अपना बकाया वसूल करता है। 

शिकायतों की पेंडेंसी पर आयुक्त का रुख सख्त
उद्देश्य यह है कि टैक्स न चुकाने वालों को स्पष्ट संदेश दिया जाए कि नियमों की अनदेखी करने पर सख्त परिणाम भुगतने पड़ेंगे। इसके साथ ही आयुक्त ने शिकायतों की पेंडेंसी को लेकर भी गंभीर रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी एल-वन अधिकारी के पास दस शिकायतें लंबित पाई जाती हैं, तो उसका एक दिन का वेतन काटा जाएगा। एल-वन अधिकारी वह अधिकारी होता है जो शिकायतों के प्राथमिक स्तर पर समाधान के लिए जिम्मेदार होता है। यदि शिकायतें 50 दिनों तक लंबित रहती हैं, तो प्रति दस शिकायतों पर एक दिन का वेतन काटने की कार्रवाई की जाएगी।

तय की जाएगी निगम अफसरों की जवाबदेही
अब अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा रही है और काम में लापरवाही बरतने पर आर्थिक दंड लगाया जाएगा। सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों को भी गंभीरता से लेने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित विभागों से प्राप्त प्रतिवेदन के साथ इन शिकायतों को संबंधित विधानसभा क्षेत्र के अपर आयुक्त को भेजा जाएगा, ताकि समयबद्ध तरीके से उनका निराकरण हो सके। यह व्यवस्था इसलिए की जा रही है ताकि जनता की समस्याओं का समाधान जल्दी और पारदर्शी ढंग से हो।

वित्तीय स्थिति मजबूत करने पर निगम का जोर
कुल मिलाकर, मतलब यह है कि नगर निगम प्रशासन राजस्व वसूली और जन शिकायतों के समाधान दोनों मोर्चों पर सख्त कदम उठा रहा है। टैक्स न देने वाले प्रतिष्ठानों पर ताला लगाने और संपत्ति कुर्क कर नीलामी करने जैसे कदम यह दिखाते हैं कि निगम अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, शिकायतों को लंबित रखने पर वेतन कटौती का निर्णय यह संकेत देता है कि प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे आम नागरिकों को बेहतर सेवा मिलने और नगर निगम की कार्यप्रणाली में सुधार की उम्मीद की जा सकती है। 

5379487