भोपाल। स्थानीय शाहजहांनाबाद क्षेत्र की शर्मा कॉलोनी में बिजली कर्मचारियों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना सामने आई है। इस मामले में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने दो आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। यह घटना उस समय हुई जब बिजली विभाग की टीम बकाया बिजली बिल की वसूली के लिए संबंधित उपभोक्ता के घर पहुंची। कंपनी के अनुसार शर्मा कॉलोनी निवासी अनूप कुमार पर 55,818 रुपये का बिजली बिल बकाया था, जिसे जमा नहीं किया जा रहा था। नियमों के अनुसार जब उपभोक्ता लंबे समय तक बिल जमा नहीं करता है, तो बिजली कंपनी को मीटर की सर्विस लाइन हटाने या कनेक्शन काटने का अधिकार होता है।
लोगों के हमले में कई बिजलीकर्मी घायल
जिस समय बिजली कर्मचारी मीटर की सर्विस लाइन निकालने का प्रयास कर रहे थे, उसी दौरान मौके पर मौजूद मनोज कुमार और उनके भाई यशवंत कुमार ने बिजली कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज और बदसलूकी शुरू कर दी। इस दौरान स्थिति इतनी बिगड़ गई कि बाह्य स्रोत कर्मचारी आदिल पर लोगों ने पत्थर से हमला कर दिया। जिससे उसकी पीठ और सिर पर चोट आई। घटना के समय वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों, जिनमें जूनियर इंजीनियर धनराज सिंह, प्रशांत सिंह, शाकिब अली, जीशान और गार्ड उमेश शामिल थे, को भी घेरकर हंगामा किया गया। इससे उनमें भय और तनाव पैदा हो गया।
पुलिस के पहुंचने पर शांत हुआ मामला
इसके बाद शाहजहांनाबाद थाना प्रभारी को फोन कर सूचना दी गई। पुलिस बल मौके पर पहुंचा और बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने आरोपी मनोज कुमार और यशवंत कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की मारपीट, शासकीय कार्य में बाधा डालना, आपराधिक कृत्य में सहभागिता और धमकी की धाराओं में मामला दर्ज कराया है। थाना शाहजहांनाबाद ने इस प्रकरण में संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
अड़ंगेबाजों पर दर्ज कराएं एफआईआर : गर्ग
कंपनी के प्रबंध संचालक ऋषि गर्ग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ड्यूटी के दौरान यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी के साथ मारपीट या दुर्व्यवहार होता है, तो उसे गंभीर अपराध मानते हुए तुरंत एफआईआर दर्ज कराई जाए। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। बकाया वसूली जैसी नियमित प्रशासनिक गतिविधियों के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा या बाधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति सरकारी कार्य में बाधा डालेगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला सार्वजनिक सेवाओं की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसे गंभीरता से लिया जा रहा है।










