Bhopal News: मध्यप्रदेश। भोपाल में नए निजी नलकूप (बोरवेल, Borewell) खोदने पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया गया है। कलेक्टर ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। यह फैसला भूजल स्तर के लगातार गिरने और संभावित पेयजल संकट को देखते हुए लिया गया है। आदेश भोपाल के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगा। इसके अनुसार बिना अनुमति के बोरिंग मशीन जिले में प्रवेश नहीं कर सकेगी। अगर अवैध रूप से बोरवेल खोदा जाता है तो मशीन जब्त कर ली जाएगी। नियम तोड़ने पर जुर्माना और जेल का भी प्रावधान होगा। सरकारी योजनाओं के तहत होने वाले नलकूप इस आदेश से बाहर रहेंगे। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
जारी आदेश में कहा गया है कि, 'कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जिला भोपाल द्वारा अवगत कराया गया है कि भोपाल जिले में कृषि एवं व्यावसायिक कार्य हेतु भू-जल स्त्रोतों का अतिदोहन होने से पेयजल स्त्रोतों, नलकूपों का जल स्तर तेजी से गिर रहा है। गिरते भू-जल स्तर के कारण जिले में पेयजल संकट की संभावना है।'
'इसे ध्यान में रखते हुए भोपाल जिले में 'मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986' के तहत पेयजल से भिन्न अन्य प्रयोजन के लिए नवीन निजी नलकूपों के खनन पर प्रतिबंध लगाया जाना आवश्यक है। पेयजल संकट की स्थिति का परीक्षण किये जाने पर यह सामने आया है कि यदि जिले में निजी नलकूप खनन पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया तो गर्मी के मौसम में जिले में गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न होने की संभावना है।'










