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Contaminated Water Supply : मध्य प्रदेश के भिंड जिले के फूप कस्बे में नगर पालिका की नल लाइन की दूषित पेयजल सप्लाई का पानी पीने से  80 से ज्यादा लोग अचानक बीमार पड़ गए हैं। अचानक से बीमार पड़े लोगों को उल्टी, दस्त और घबराहट की समस्या हो गई है। बताया जा रहा है कि यह दूषित जल पीने के कारण से हुआ है।

Contaminated Water Supply : मध्य प्रदेश के भिंड जिले के फूप कस्बे में नगर पालिका की नल लाइन की दूषित पेयजल सप्लाई का पानी पीने से  80 से ज्यादा लोग अचानक बीमार पड़ गए हैं। अचानक से बीमार पड़े लोगों को उल्टी, दस्त और घबराहट की समस्या हो गई है। बताया जा रहा है कि यह दूषित जल पीने के कारण से हुआ है।

सप्लाई हुआ पानी नही था पीने योग्य 
बड़ी संख्या में इतने लोगों के बीमार होने की जानकारी सामने आने के बाद भिंड जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया। कस्बे में सप्लाई हुए पानी के सैंपल को जांच के लिए भेजा गया, जिसका परीक्षा भी लैब में किया गया। प्रयोगशाला में पानी के सैंपल की जांच में यह पाया गया है कि जो पानी सप्लाई हुआ था, वह पीने योग्य पानी नहीं था।

प्रयोगशाला में 6 सैंपलों के 12 टेस्ट किए गए
पेय विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर आरके राजपूत ने इस बारे में बताया कि नई और पुरानी दोनों पाइपलाइन की पानी सप्लाई से लिए गए सैंपलों को पीएचई विभाग की जिला जल परीक्षण प्रयोगशाला में 6 सैंपलों के 12 टेस्ट किए गए। जिनमें से दो सैंपलों का पानी पीने योग्य नहीं पाया गया है,जांच में नाइट्रेट की मात्रा सामान्य से बहुत अधिक पाई गई है। उन्होंने कहा कि सामान्य रूप से 45 मिलीग्राम पर लीटर सामान्य रूप से नाइट्रेट तत्व पाया जाता है, लेकिन जांच उपरांत 175 मिलीग्राम पाया गया है। साथ ही दूसरी जांच में ई-कोली नाम का बैक्टीरिया पाया गया है जिसके चलते प्रशासन अब दोबारा सैंपल करवा रहा है।

नल जल योजना के तहत पाइपलाइन
विभाग के इंजीनियर ने बताया कि नाइट्रेट और बैक्टीरिया फ्री होने के बाद ही पानी को नगर में सप्लाई कराया जाएगा। तब तक अन्य स्रोतों से वार्डो में पानी की आपूर्ति जारी रहेगी। इस पर भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि समाचारों में लगातार बताया जा रहा है कि आरो के पानी के सैंपल जांच में भेजे गये है, यह खबर भ्रामक और असत्य है क्योंकि स्थानीय लोग के यहां नल जल योजना के तहत पाइपलाइन डाली गई है।

नई पाइप लाइन को ही आरो की लाइन बोलते हैं उसी से सैंपल लिए गए थे, न कि किसी घर की आरो मशीन के पानी के सैंपल लिए गए। उन्होंने बताया कि उल्टी दस्त की बीमारी से पूरी तरीके से कस्बे में काबू पा लिया गया है और साथ ही एक डॉक्टर की टीम को आंगनवाड़ी में तैनात किया गया है,अगर किसी की तबीयत बिगड़ती भी है तो उसे अस्पताल आने की जरूरत नहीं है उसका वहीं पर इलाज किया जाएगा।

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