हरियाणा के पानीपत में भाजपा नेता और पार्षद पति सुरेंद्र गर्ग पर हुए खूनी हमले के मामले ने अब एक नया और विवादित मोड़ ले लिया है। जहां एक तरफ भाजपा नेता की हालत नाजुक बनी हुई है और उन्हें दिल्ली एम्स (AIIMS) भेजा गया है, वहीं दूसरी ओर मुख्य आरोपी मोहित ने अस्पताल से ही एक वीडियो जारी कर पार्षद परिवार पर गंभीर आरोप मढ़े हैं। इस घटना के बाद शहर का सियासी पारा चढ़ गया है और नगर निगम की मेयर ने पार्षदों के साथ विशेष बैठक बुलाकर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
आरोपी मोहित का दावा- 20 हजार रुपये महीना देता हूं रिश्वत
हमले के मुख्य आरोपी मोहित ने सामने आकर इस पूरी घटना को अलग ही रंग देने की कोशिश की है। मोहित, जो खुद भी अस्पताल में उपचाराधीन है, ने आरोप लगाया है कि वह पार्षद को प्रतिमाह 20,000 रुपये की 'मंथली' (रिश्वत) देता है। मोहित का कहना है कि पिछले महीने वह यह राशि नहीं दे पाया था, जिसके कारण पार्षद पति उससे नाराज थे।
उसने यह भी आरोप लगाया कि सुरेंद्र गर्ग उससे अपनी फैक्ट्री के लेबर क्वार्टरों की साफ-सफाई जबरन करवाते थे। मोहित के अनुसार, शुक्रवार शाम को उसे बातचीत के बहाने कार्यालय बुलाया गया था, जहां उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। मोहित का दावा है कि जब उसका परिवार वहां पहुंचा, तो भाजपा नेता के साथियों ने उनके साथ मारपीट की, जिसमें वह खुद भी घायल हो गया।
भाजपा नेता की आंख की पुतली की एम्स में होगी जटिल सर्जरी
शुक्रवार शाम हुए इस हमले में भाजपा नेता सुरेंद्र गर्ग की एक आंख को गंभीर नुकसान पहुंचा है। हमलावरों ने उनके कार्यालय में घुसकर उन पर प्रहार किया था। बताया जा रहा है कि हमले के दौरान एक कांच का गिलास तोड़कर उनकी आंख में घोंप दिया गया, जिससे उनकी आंख की पुतली बुरी तरह फट गई है।
पानीपत के निजी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत दिल्ली एम्स (AIIMS) रेफर कर दिया है। परिजनों का कहना है कि सुरेंद्र पूरी रात असहनीय दर्द से तड़पते रहे। डॉक्टरों को अंदेशा है कि उनकी आंख के पर्दे पर गहरा घाव है और अभी भी कांच के कुछ बारीक कण अंदर फंसे हो सकते हैं। शनिवार को दिल्ली में उनकी आंख की मेजर सर्जरी की जाएगी।
आरोपी को काम में लापरवाही पर नौकरी से निकाला था
इस मामले में नगर निगम के सफाई ठेकेदार राजकुमार हुड्डा ने आरोपी मोहित के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ठेकेदार के अनुसार मोहित को उसकी कार्यशैली में लापरवाही और जनता की शिकायतों के चलते 5 दिन पहले ही नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था।
हुड्डा ने बताया कि मोहित पहले वार्ड-26 में तैनात था, जहां उसकी काफी शिकायतें मिली थीं। इसके बाद उसे वार्ड-17 में भेजा गया, लेकिन वहां भी उसके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ। इसी नौकरी जाने की रंजिश के चलते मोहित शुक्रवार को अपने 10-12 साथियों के साथ हथियारों और चाकुओं से लैस होकर सुरेंद्र गर्ग के कार्यालय पहुंचा और उन पर जानलेवा हमला कर दिया।
10 से अधिक लोगों पर केस दर्ज
पानीपत की थाना सेक्टर-29 पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए प्रवीन कुमार की शिकायत पर नामजद एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने आरोपी मोहित, प्रिंस, माया, मुकेश, सागर, विनोद और राजेश सहित 10 से 12 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि वारदात में इस्तेमाल किए गए अवैध हथियारों को बरामद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मेयर कोमल सैनी का कड़ा रुख
भाजपा नेता पर हुए इस हमले के विरोध में पानीपत की मेयर कोमल सैनी ने पार्षदों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। मेयर ने स्पष्ट किया कि आरोपी सुपरवाइजर (मोहित) को उसके काम न करने के कारण ही शिफ्ट करने और हटाने की सिफारिश की गई थी, जिससे बौखलाकर उसने अपने परिवार के साथ मिलकर हमला किया।
मेयर ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाएगा, उसे हटाया ही जाएगा। इस तरह की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी पार्षदों से सुझाव मांगे हैं और भरोसा दिलाया है कि आरोपियों को ऐसी सजा दिलवाई जाएगी जो दूसरों के लिए मिसाल बनेगी।
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