हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव शनिवार को अचानक रोहतक स्थित पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान संस्थान (PGIMS) के दौरे पर पहुंचीं। मंत्री के इस सरप्राइज विजिट ने पूरे अस्पताल प्रशासन की नींद उड़ा दी। सूचना मिलते ही एमएस कुंदन मित्तल आनन-फानन में मौके पर पहुंचे और स्वास्थ्य मंत्री के साथ चौधरी रणबीर सिंह ओपीडी का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं को देखकर मंत्री ने अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई।
रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लापरवाही और समय की पाबंदी पर नाराजगी
निरीक्षण के दौरान सबसे अधिक तल्खी पंजीकरण काउंटर पर देखने को मिली। स्वास्थ्य मंत्री जब काउंटर पर पहुंचीं, तो वहां मौजूद कर्मचारियों ने यह कहकर मरीजों की पर्ची काटने से मना कर दिया कि दोपहर के 2 बज चुके हैं।
इस पर आरती राव बेहद नाराज हुईं और उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि यदि 2 बजते ही मरीजों का पंजीकरण बंद कर दिया जाएगा, तो फिर इतने बड़े संस्थान का क्या लाभ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेशभर से मरीज बड़ी उम्मीदें लेकर पीजीआई आते हैं, ऐसे में समय का बहाना बनाकर उन्हें इलाज से वंचित नहीं रखा जा सकता। उन्होंने मरीजों के सुलभ उपचार के लिए पंजीकरण के कम से कम दो काउंटर बनाने के निर्देश दिए।
ब्लड सैंपल रूम में भीड़ और बदहाल शौचालयों पर सख्त रुख
ओपीडी के भीतर ब्लड टेस्ट रूम का जायजा लेते समय मंत्री ने देखा कि मरीजों की बहुत लंबी कतार लगी हुई थी, जबकि सैंपल लेने के लिए केवल एक ही कर्मचारी तैनात था। इस अव्यवस्था पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि जांच सुविधाओं में तुरंत बढ़ोतरी की जाए ताकि मरीजों को घंटों इंतजार न करना पड़े।
इसके बाद जब उन्होंने शौचालयों का रुख किया तो वहां गंदगी का अंबार मिला। हैरानी की बात यह रही कि कुछ शौचालयों पर ताले लटके हुए थे, जिन्हें मंत्री के पहुंचने के बाद आनन-फानन में खोला गया। सफाई की इस दयनीय स्थिति को लेकर उन्होंने एमएस को सख्त चेतावनी दी।
दवाइयों के स्टॉक में भारी विसंगति पर होगी उच्च स्तरीय जांच
अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता को लेकर भी एक गंभीर मामला सामने आया। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सरकार की ओर से पीजीआई के लिए नियमित रूप से 540 प्रकार की दवाइयां भेजी जाती हैं। हालांकि, चीफ फार्मासिस्ट ने निरीक्षण के दौरान स्वीकार किया कि वर्तमान में अस्पताल के पास केवल 200 दवाइयां ही उपलब्ध हैं।
इस बड़ी विसंगति पर कड़ा संज्ञान लेते हुए आरती राव ने कहा कि बाकी दवाइयां कहां गायब हैं और क्यों नहीं पहुंच रही हैं, इसकी गहनता से जांच करवाई जाएगी। उन्होंने सुनिश्चित करने को कहा कि मरीजों को बाहर से दवाइयां न खरीदनी पड़ें।
डॉक्टरों की कमी और व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया
प्रदेश में डॉक्टरों की कमी के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि सरकार भर्ती प्रक्रिया में तेजी ला रही है। उन्होंने बताया कि जल्द ही नए डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी और पीजी डॉक्टरों के आने से भी व्यवस्था में सुधार होगा।
अंत में उन्होंने एमएस कुंदन मित्तल को कड़े लहजे में निर्देश दिए कि अस्पताल की गरिमा और मरीजों की सुविधा के साथ कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जल्द ही पीजीआई की व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और कमियों को सुधारने के लिए अधिकारियों को डेडलाइन दे दी गई है।
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