हरियाणा और पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय एक शातिर हनीट्रैप गिरोह का पंचकूला पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस सनसनीखेज मामले में एक नवविवाहित जोड़े ने मिलकर कैथल के एक ठेकेदार को जाल में फंसाया। आरोपी महिला ने अपने हैंडबैग में गुप्त कैमरा छिपाकर ठेकेदार की आपत्तिजनक वीडियो बनाई और फिर उसे वायरल करने की धमकी देकर 50 लाख की मोटी रकम मांगी। पुलिस ने मास्टरमाइंड ब्यूटिशियन, उसके पति और एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है।
लव मैरिज के 6 महीने बाद ही शुरू किया अपराध का सफर
जांच में सामने आया है कि इस पूरे काले कारोबार की सूत्रधार 28 वर्षीय सना है, जो पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में ब्यूटी पार्लर चलाती है। सना ने करीब छह महीने पहले सरहिंद के एक सैलून संचालक दिलप्रीत सिंह से प्रेम विवाह किया था। शादी के शुरुआती दिनों के बाद ही दोनों को अपनी विलासितापूर्ण जीवनशैली और नशे की जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़ी रकम की दरकार महसूस होने लगी।
सना ने अपने पति को विश्वास में लिया और अपनी पुरानी जान-पहचान का फायदा उठाकर अमीर लोगों को फंसाने की योजना बनाई। उसने कैथल के एक 45 वर्षीय सड़क निर्माण ठेकेदार को अपना पहला निशाना चुना, जिसे वह विवाह से पूर्व से जानती थी।
होटल के कमरे में बैग में छिपाया था कैमरा
योजना के मुताबिक सना ने ठेकेदार को फोन कर मेल-मिलाप के बहाने बुलाया। ठेकेदार के कहने पर मुलाकात पंचकूला के मोरनी हिल्स स्थित एक प्रसिद्ध होटल में तय हुई। वहां एक कमरा बुक किया गया। सना ने बड़ी चतुराई से अपने हैंडबैग में एक वाई-फाई संचालित हिडन कैमरा फिट कर रखा था। कमरे में दाखिल होते ही उसने बैग को बेड के ठीक सामने एक मेज पर इस तरह रखा कि पूरा बेड कैमरे की जद में रहे।
होटल के कमरे में रहने के दौरान जब सना बार-बार अपने बैग को चेक करने जा रही थी, तो ठेकेदार को कुछ अनहोनी का आभास हुआ। संदेह होने पर उसने बैग की तलाशी ली और उसमें लगे कैमरे को ढूंढ निकाला। गुस्से में ठेकेदार ने वह कैमरा तोड़ दिया, उसे लगा कि कैमरा टूटने से सबूत मिट गया है, लेकिन वह इस बात से अनजान था कि तकनीक ने उसे पहले ही मात दे दी थी।
वाई-फाई तकनीक से पति घर बैठे देख रहा था लाइव 'शो'
इस हनीट्रैप की सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि कैमरा सीधे इंटरनेट के जरिए सना के पति दिलप्रीत के मोबाइल से जुड़ा था। जब होटल में यह सब चल रहा था, दिलप्रीत अपने घर पर बैठकर पूरी घटना को लाइव देख रहा था और उसे रिकॉर्ड कर रहा था। कैमरा टूटने से पहले ही उसके पास ब्लैकमेलिंग के लिए पर्याप्त अश्लील फुटेज जमा हो चुका था। अगले ही दिन ठेकेदार के व्हाट्सएप पर उसकी निजी पलों की वीडियो क्लिप पहुंची, जिसे देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।
50 लाख की डिमांड और पुलिस का बिछाया जाल
आरोपियों ने वीडियो सार्वजनिक न करने के बदले ठेकेदार से 50 लाख रुपये की मांग की। लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर ठेकेदार पहले 25 लाख रुपये देने को तैयार हो गया, लेकिन लालची दंपति 35 लाख रुपये से कम पर समझौता करने को तैयार नहीं थे। बार-बार बदलती डिमांड और भविष्य में दोबारा ब्लैकमेल होने के डर से ठेकेदार ने हिम्मत जुटाई और पंचकूला की चंडीमंदिर पुलिस को पूरी आपबीती सुनाई।
एसएचओ रामपाल सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने फौरन एक रणनीति तैयार की। ठेकेदार को निर्देश दिया गया कि वह आरोपियों को पैसे लेने के लिए बुलाए। जैसे ही आरोपी दंपति और उनका साथी मनमोहन सिंह रकम वसूलने पहुंचे, पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को रंगे हाथों दबोच लिया।
पुलिस रिमांड में खुले कई राज
पुलिस ने आरोपियों के पास से वह मोबाइल फोन बरामद कर लिया है जिससे वीडियो क्लिप भेजी गई थी। साथ ही घटना में इस्तेमाल की गई कार, सिम कार्ड और हिडन कैमरे के अवशेष भी जब्त किए गए हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने ऐशो-आराम की जिंदगी के लिए इस रास्ते को चुना था।
चंडीमंदिर थाना प्रभारी ने बताया कि महिला और उसके पति को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर गहनता से पूछताछ की गई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह ने पहले भी किसी और को अपना शिकार बनाया है। इस घटना ने एक बार फिर तकनीक के दुरुपयोग और सोशल इंजीनियरिंग के जरिए होने वाले अपराधों के प्रति लोगों को सचेत कर दिया है।
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