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असम के जोराहट में भारतीय वायुसेना का फाइटर प्लेन सुखोई-30 MKI क्रैश होने से देश ने दो जांबाज अधिकारियों को खो दिया है।

इस हादसे में गुरुग्राम के सेक्टर-22 B निवासी स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ शहीद हो गए हैं। अनुज की शहादत की खबर मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

शादी की शहनाइयां बजाने की तैयारियों में था परिवार
शहीद अनुज के परिजनों ने बताया कि घर में जल्द ही शहनाइयां बजने वाली थीं। अनुज की शादी तय हो चुकी थी और उनकी मंगेतर भी पेशे से एक पायलट हैं। दोनों परिवार शादी की तैयारियों में व्यस्त थे, लेकिन इस हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। अनुज के पिता आनंद कुमार, जो खुद सेना में सूबेदार रहे हैं, बेटे का पार्थिव शरीर लेने असम रवाना हो गए हैं।

पिता से मिली देश सेवा की प्रेरणा
अनुज वशिष्ठ के मन में बचपन से ही सेना के प्रति सम्मान था। अपने पिता को वर्दी में देख उन्होंने डिफेंस फोर्सेज में जाने का संकल्प लिया था और करीब 10 साल पहले एयरफोर्स जॉइन की थी। उनका बड़ा भाई वर्तमान में यूके में एक सॉफ्टवेयर कंपनी में कार्यरत है। घर पर अभी उनके बुजुर्ग दादा-दादी मौजूद हैं, जिन्हें सदमे के डर से अनुज की शहादत की जानकारी नहीं दी गई है।

आखिर कैसे हुआ यह हादसा?
भारतीय वायुसेना के अनुसार, सुखोई-30 MKI विमान ने जोराहट एयरबेस से नियमित प्रशिक्षण उड़ान भरी थी। शाम करीब 7:42 बजे विमान का एटीसी (ATC) से संपर्क टूट गया। सर्च ऑपरेशन के दौरान जोराहट से 60 किलोमीटर दूर कार्बी आंगलोंग के घने जंगलों में विमान का मलबा मिला। इस हादसे में स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुर्वेश दुरगकर शहीद हो गए।

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