इस वारदात का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय पैरा जूडो खिलाड़ी 'मोनू' निकला है। एसटीएफ ने मोनू और उसके साले मनीष को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है।
खेल से अपराध की दुनिया में ली एंट्री
एसटीएफ के एएसपी विक्रांत भूषण के अनुसार, मुख्य आरोपी मोनू रोहतक के कंसाला गांव का रहने वाला है। वह नेशनल, कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स जैसे बड़े मंचों पर देश का प्रतिनिधित्व कर चुका है और कई पदक जीत चुका है। हालांकि, रातों-रात अमीर बनने की लालसा में उसने अपराध का रास्ता चुन लिया।
घर के भेदी ने दी थी पूरी जानकारी
इस साजिश में मोनू का साथ उसके साले मनीष ने दिया, जो हुनरजीत के पिता की गौशाला में ही काम करता था। मनीष को परिवार की आर्थिक स्थिति और बच्चे की दिनचर्या की पूरी जानकारी थी। करीब 20 दिन पहले ही दोनों ने मिलकर अपहरण का पूरा प्लान तैयार किया था।
धुलेंडी के दिन दिया वारदात को अंजाम
4 मार्च को जब पूरा गांव होली के रंगों में सराबोर था, तब मनीष ने हुनरजीत को बहाने से दुकान पर भेजा। वहाँ पहले से तैयार मोनू और उसके साथियों ने सफेद स्कॉर्पियो में बच्चे को अगवा कर लिया। बाद में बदमाशों ने परिवार से 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। बच्चे की जान बचाने के लिए परिवार ने भारी रकम चुकाई, जिसके बाद उसे रोहतक में छोड़ दिया गया।
एसटीएफ ने की बड़ी कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ रोहतक की टीम ने खुफिया जानकारी के आधार पर जाल बिछाया और मुठभेड़ के बाद दोनों आरोपियों को दबोच लिया। एएसपी विक्रांत भूषण ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि इस साजिश में दो और साथी शामिल हैं, जिनकी तलाश में हांसी, झज्जर और रोहतक में छापेमारी की जा रही है। पुलिस अब फिरौती की उस भारी रकम को बरामद करने की कोशिश कर रही है जो परिवार ने बदमाशों को दी थी।
अगर आपको यह खबर उपयोगी लगी हो, तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर करना न भूलें और हर अपडेट के लिए जुड़े रहिए haribhoomi.com के साथ।










