हरियाणा सरकार और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की पहल पर इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का भव्य आयोजन उगते सूर्य के देश, जापान में होने जा रहा है। 19 से 22 जून तक चलने वाला यह महोत्सव विदेशी धरती पर आयोजित होने वाला इस श्रृंखला का 7वां संस्करण होगा।
जापान की संसद में होगा गीता पाठ
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल के अनुसार, इस महोत्सव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। कार्यक्रम के दौरान न केवल टोक्यो विश्वविद्यालय में विशेष सेमिनार आयोजित होंगे, बल्कि जापान की संसद और विभिन्न प्रांतों में श्रीमद्भगवद् गीता का पाठ करने का भी प्रस्ताव है।
प्रमुख आकर्षण और कार्यक्रम
- योग दिवस का संगम: 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
- सांस्कृतिक आदान-प्रदान: गीता प्रदर्शनी, बच्चों के लिए प्रतियोगिताएं, गीता सद्भावना यात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए भारतीय दर्शन को प्रस्तुत किया जाएगा।
- औद्योगिक सहयोग: इस आयोजन में जापानी दिग्गज कंपनियों जैसे सुजुकी और होंडा को भी शामिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि सांस्कृतिक संबंधों के साथ-साथ आपसी जुड़ाव और मजबूत हो सके।
- ओसाका में भी गूंज: मुख्य कार्यक्रम टोक्यो में होंगे, लेकिन ओसाका प्रांत में भी विशेष आयोजन प्रस्तावित हैं।
इन देशों में पहले बज चुका है डंका
जापान से पहले अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव सफलतापूर्वक इन देशों में आयोजित किया जा चुका है-मॉरीशस,लंदन(यूके),कनाडा,ऑस्ट्रेलिया,श्रीलंका,इंडोनेशिया।
मकसद: जीवन दर्शन के रूप में गीता का प्रचार
मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार का उद्देश्य गीता को केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि एक 'जीवन दर्शन' के रूप में विश्व पटल पर रखना है। इसके साथ ही कुरुक्षेत्र को वैश्विक धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना भी इस महोत्सव का मुख्य लक्ष्य है।
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