दोहा कतर एयरपोर्ट से करीब 500 भारतीय बोर्डिंग पास लेकर फ्लाइट में सवार हो चुके हैं। इनमें हरियाणा के 5 युवा भी शामिल हैं, जो युद्ध के खौफनाक मंजर को अपनी आंखों से देखकर लौटे हैं।
होटल से महज 40 किलोमीटर दूर गिरी मिसाइलें
रोहतक जिले के गांव मायना निवासी सुरेंद्र उर्फ काला ने कतर एयरपोर्ट से जानकारी देते हुए बताया कि वहां हालात काफी डरावने हैं। 28 फरवरी को पहली बार आसमान में मिसाइलें देखी गई थीं, जिसके बाद से लगातार बमबारी की आवाजें सुनाई दे रही हैं। सुरेंद्र के मुताबिक, उनके होटल से महज 40 किलोमीटर दूर मिसाइलें गिर रही थीं, जिसका धुआं साफ देखा जा सकता था।
समुद्र के रास्ते किया गया रेस्क्यू
सुरेंद्र ने बताया कि ईरान के हमले के बाद समुद्र में काम कर रहे करीब 60-70 भारतीयों में हड़कंप मच गया था। उन्हें रात के करीब 2 बजे बोट के माध्यम से रेस्क्यू कर सुरक्षित जमीन पर लाया गया। होली के दिन भी कतर सरकार की ओर से अलर्ट मैसेज जारी किया गया था, जिससे लोग काफी सहमे हुए थे।
हरियाणा के ये युवा भी आ रहे हैं साथ
वतन वापसी करने वालों में रोहतक के सुरेंद्र के अलावा हरियाणा के अन्य जिलों के युवा भी शामिल हैं-अंबाला से पारस,कैथल से मंदीप,पानीपत से रवि,सोनीपत से अमित।
धमाकों के बीच कटी रातें
भारतीयों ने बताया कि दिन-रात धमाकों की आवाजें सुनाई देती थीं। हालांकि वे अपने घरों पर फोन करके खुद को सही-सलामत बता रहे थे, लेकिन अंदर से हर कोई डरा हुआ था। अब फ्लाइट में बैठने के बाद सभी के चेहरों पर सुकून और वतन लौटने का उत्साह साफ नजर आ रहा है।
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