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यमुनानगर में किसानों ने एक विशाल ट्रैक्टर मार्च निकाला है और इस दौरान सरकार की ट्रे़ड डील के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।

अमेरिका के साथ हाल ही में हुए कृषि ट्रेड समझौते को लेकर किसानों का असंतोष सड़कों पर उतर आया है। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के आह्वान पर मंगलवार को यमुनानगर में किसानों ने एक विशाल ट्रैक्टर मार्च निकाला और सरकार की कृषि नीतियों के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।

सैकड़ों की संख्या में इकठ्ठा हुए किसान
सुबह 10 बजे से ही जगाधरी अनाज मंडी में किसानों का जमावड़ा शुरू हो गया था। सैकड़ों की संख्या में किसान अपने ट्रैक्टर लेकर मंडी में एकत्रित हुए, जिसके बाद उन्होंने शहर में ट्रैक्टर मार्च निकाला। यह मार्च तहसील कार्यालय से होते हुए डीसी कार्यालय तक पहुँचा, जहाँ किसानों ने सरकार की ट्रेड डील की प्रतियों को सार्वजनिक रूप से जलाया।

क्या विरोध है की असली वजह?
भाकियू के जिला अध्यक्ष संजू गुन्दियाना ने बताया कि यह समझौता भारतीय किसानों के हितों के खिलाफ है। उनके अनुसार अमेरिका में हजारों एकड़ जमीन वाले बड़े किसान हैं, जबकि भारत का अधिकांश किसान वर्ग केवल 2-3 एकड़ जमीन पर निर्भर है। यदि अमेरिका से कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में आते हैं, तो स्थानीय फसल के दाम गिर जाएंगे, जिससे छोटे किसानों की आय पर सीधा और बुरा असर पड़ेगा।

आंदोलन की अगली रणनीति
किसानों ने चेतावनी दी है कि वे तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक सरकार उनकी मांगों पर विचार नहीं करती। ट्रैक्टर मार्च के जरिए किसान इस आंदोलन को गांव-गांव तक पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं। जगाधरी ब्लॉक के दर्जनों गांवों-जैसे कैल, रुला खेड़ी, हरीपुर, हरनौल और मानकपुर के किसानों ने इस मार्च में भागीदारी की। 

23 मार्च को होगा विशाल आंदोलन
आंदोलन को और गति देने के लिए आगामी 23 मार्च को पिपली अनाज मंडी में एक विशाल किसान रैली का आयोजन किया जाएगा।किसानों का कहना है कि सरकार को कृषि जैसे संवेदनशील मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समझौतों से पहले जमीन से जुड़े किसानों की स्थिति का आकलन करना चाहिए।

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