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पंजाब कांग्रेस के नेता सुखपाल सिंह खैरा ने महिलाओं पर ऐसा विवादित बयान दे दिया, जिससे राज्य का सियासी पारा चढ़ चुका है। महिला आयोग ने भी इस बयान का संज्ञान लेते हुए समन जारी किया है।

कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा ने पंजाब सरकार के बजट को लेकर महिलाओं पर ऐसा विवादित बयान दे दिया, जिससे राज्य का सियासी पारा चढ़ गया है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सुखपाल सिंह खैरा का सोशल मीडिया पर लिखा बयान पढ़कर सुनाया, जिसमें उन्होंने कहा कि 1000 रुपये लेकर औरतें कौन से सूरमाओं को पैदा कर देंगी। उनके इस बयान की चौतरफा आलोचना हो रही है। ऐसे में महिला आयोग ने सुखपाल सिंह खैरा के साथ ही पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को भी समन भेजकर 12 मार्च को सुबह 11:30 बजे आयोग के दफ्तर के समक्ष पेश होने के लिए कहा है। 

पंजाब आप अध्यक्ष और पंजाब सरकार में मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि यह अपमानजनक टिप्पणी है, जो कि घटिया मानसिकता का प्रतीक है। उन्होंने पूछा कि क्या कांग्रेस या सुखपाल सिंह खैरा तय करेंगे कि कौन किसे जन्म देगा? उन्होंने कहा कि सुखपाल सिंह खैरा को पंजाब की महिलाओं से माफी मांगनी चाहिए। 

निंदा प्रस्ताव पास किया 

पंजाब विधानसभा में आज निंदा प्रस्ताव पास किया गया। इसमें महिलाओं को लेकर सुखपाल सिंह खैरा के कथित अपमानजनक बयान की निंदा की गई। आप विधायक इंदरजीत कौर मान ने यह निंदा प्रस्ताव पेश किया और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इसका समर्थन किया। इससे पूर्व शून्यकाल के दौरान सुखपाल सिंह की कथित टिप्पणी को लेकर सदन में हंगामे की स्थिति बनी रही। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने जब कांग्रेस को दलित और महिला विरोधी करार दिया तो कांग्रेस भी भड़क गए और विरोध करना शुरू कर दिया। 

बाजवा ने सुखपाल सिंह के बयान पर मांगी माफी

उधर, विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सुखपाल सिंह खैरा के बयान पर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि वह और उनकी पार्टी के दूसरे विधायक खैरा के बयान का समर्थन नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि मैंने वह पोस्ट नहीं देखी, लेकिन अगर किसी विधायक ने ऐसी टिप्प्णी की तो मैं उस पोस्ट की निंदा करता हूं। हम उससे सहमत नहीं हैं। बहरहाल, विपक्ष के नेता की ओर से माफी मांगने के बाद भी यह सियासी सियासी बवाल थमता नजर नहीं आ रहा है।

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