मुंबई: ईरान-इजरायल युद्ध की तपिश अब केवल अंतरराष्ट्रीय सीमाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसका सीधा असर भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई के किचन और होटलों पर दिखने लगा है।
पश्चिम एशिया में जारी भीषण तनाव के कारण गैस सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिसके परिणामस्वरूप मुंबई के लगभग 20 फीसदी होटल और भोजनालय अस्थाई रूप से बंद हो गए हैं। जो होटल खुले भी हैं, वे भारी आर्थिक दबाव और संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं।
गैस सप्लाई की राशनिंग और बुकिंग के सख्त नियम
मिडिल-ईस्ट में जारी अस्थिरता के कारण तेल और गैस कंपनियों ने सप्लाई मैनेजमेंट को लेकर नए और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
लंबा इंतजार: पहले जहां गैस सिलेंडर की रिफिलिंग 15 दिनों में हो जाती थी, वहीं अब नए नियमों के तहत उपभोक्ताओं को 21 से 25 दिन का अनिवार्य इंतजार करना पड़ रहा है।
बुकिंग पर पाबंदी: होटल और कमर्शियल संस्थानों के लिए एडवांस बुकिंग पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है, जिससे दैनिक कामकाज के लिए गैस जुटाना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
OTP आधारित डिलीवरी: कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने अब गैस डिलीवरी को पूरी तरह से ओटीपी (OTP) आधारित कर दिया है।
महंगाई का दोहरा प्रहार: कमर्शियल सिलेंडर 2000 के पार
गैस की कीमतों में हुई अचानक वृद्धि ने होटल संचालकों के गणित को पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
कमर्शियल गैस: 19 किलोग्राम वाले व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत में सीधे 114 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिससे इसकी नई कीमत अब 2006 रुपये हो गई है।
घरेलू गैस: 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर के दाम में भी 59.40 रुपये का इजाफा हुआ है, जिससे आम घरों का बजट भी चरमरा गया है।
शादी-समारोहों और कैटरिंग इंडस्ट्री में हाहाकार
मुंबई में चल रहे शादियों के सीजन पर भी इस संकट का काला साया मंडरा रहा है।
कैटरिंग पर असर: कैटरिंग कारोबारियों का कहना है कि गैस की किल्लत और कीमतों में उछाल के कारण वे पुराने रेट पर खाना सर्व करने में असमर्थ हैं।
मेन्यू में कटौती: कई जगहों पर आयोजकों को मजबूरन अपने मेन्यू में कटौती करनी पड़ रही है, क्योंकि बॉटलिंग प्लांट से पर्याप्त स्टॉक नहीं मिल रहा है।
आम जनता पर बोझ: अब 'बाहर का खाना' हुआ लग्जरी
होटल और रेस्टोरेंट मालिकों का तर्क है कि जब इनपुट कॉस्ट में 20% तक की वृद्धि हो गई है, तो वे पुरानी कीमतों पर सेवाएं नहीं दे सकते। इसके चलते मुंबई के अधिकांश रेस्टोरेंट्स ने अपनी 'फूड प्लेट' की कीमतों में 10-15% की बढ़ोतरी कर दी है। मिडिल क्लास परिवारों के लिए अब बाहर जाकर खाना खाना एक महंगा शौक बनता जा रहा है।










