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कांग्रेस ने हाल ही अपने विधायकों की शिफ्टिंग की योजना को तीन दिन के लिए आगे बढ़ा दिया है। 

हरियाणा में राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी पारा चढ़ गया है। क्रॉस वोटिंग के डर और रणनीतिक चुनौतियों के बीच कांग्रेस ने अपने विधायकों की शिफ्टिंग की योजना को फिलहाल तीन दिन के लिए टाल दिया है। अब 13 मार्च को होने वाली डिनर पार्टी में इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस बीच, पार्टी मुख्यालय में आयोजित विधायक दल की बैठक में 5 विधायकों की अनुपस्थिति ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।

बैठक से गायब रहे ये विधायक
चंडीगढ़ के सेक्टर 9 स्थित हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में बुलाई गई सीएलपी मीटिंग में विधानसभा के 37 कांग्रेस विधायकों में से केवल 32 ही उपस्थित हुए। जिन 5 विधायकों ने बैठक में शिरकत नहीं की, उनमें प्रमुख नाम शामिल हैं-विनेश फोगाट (जुलाना विधायक),कुलदीप वत्स,भरत सिंह बेनीवाल,आदित्य सुरजेवाला,चंद्र मोहन

क्या है कांग्रेस की चुनौती?
कांग्रेस को अपने राज्यसभा उम्मीदवार करमवीर सिंह बौध की जीत सुनिश्चित करने के लिए 31 प्रथम वरीयता वोटों की आवश्यकता है। पार्टी के पास कुल 37 विधायक हैं, लेकिन पिछले चुनावों में मिली हार और क्रॉस वोटिंग के इतिहास ने पार्टी नेतृत्व को सतर्क कर दिया है। विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने स्पष्ट किया है कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और सभी 37 विधायक करमवीर सिंह बौध को ही वोट देंगे। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर क्रॉस वोटिंग हुई तो वह भाजपा के खेमे में होगी। प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने उम्मीद जताई है कि इनेलो भाजपा की 'बी-टीम' नहीं बनेगी और कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देगी। उनका दावा है कि कांग्रेस को कुल 39 वोट मिल सकते हैं।

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